आरोप कहा कि दरगाह हज़रतबल पर जुमत-उल-विदा नामक की दुआ के दौरान शहादा देने (ये दोहराना कि अल्लाह के सिवा कोई ईश्वर नहीं) और कलमा पढ़ने के लिए मजबूर किया गया।
इलाहाबाद हाई कोर्ट के जस्टिस सुभाष विद्यार्थी की बेंच ने 22 मार्च 2024 को ये फैसला सुनाया, उन्होंने कहा कि कन्यादान हिंदू विवाह की अनिवार्य शर्त नहीं है।
हिना अली पर बदायूँ में साजिद-जावेद द्वारा दोनों हिंदू बच्चों आयुष और आहान की हत्या का ऐसा प्रभाव पड़ा, कि उन्होंने इस्लाम त्यागने का फैसला किया और सनातन परंपरा को अपनाते हुए अपने हिंदू प्रेमी महेश से विवाह कर लिया।
भगवान राम का नाम लेने पर अतीक कुरैशी और अल्फाज कुरैशी ने छात्र को पीट दिया। उन्होंने कहा, 'यहाँ क्यों राम का नाम ले रहे हो, क्या पता नहीं है कि किस जगह (स्कूल पर) खड़े हो।'