अर्मिन नवाबी ने हिन्दुओं की आस्था को अपमानित करने का काम किया है। अर्मिन नवाबी ने हिन्दुओं की आराध्य माँ काली की एक भद्दी और बेहूदा तस्वीर ट्विटर पर शेयर की है।
संस्थान की तरफ से सोशल मीडिया पर चंदा माँगने वाली अफवाहों का ट्रस्टी देवीदयाल अग्रवाल ने भी खंडन किया है। कहा- गीताप्रेस का काम के सुचारु रूप से चल रहा है।
एक तरफ है करीब 1000 साल से चल रहा छल, प्रपंच और जोर। दूसरी तरफ है हिंदुओं का वह नैतिक बल, जिसका पहला पड़ाव सोमनाथ का पुनरुद्धार था। वह भारतीय चेतना, जिसकी अप्रतिम ऊर्जा अयोध्या है। वह सनातनी संस्कृति, जिसका प्रकाश पुंज मथुरा-काशी है।
आज खुद को श्रीराम से अलग बताने का समय नहीं। आत्मविश्लेषण करते हुए पूछने का समय है कि आज आपकी ख़ुशी में आपके कितने मुस्लिम और सेक्युलर मित्र आपके साथ खुश हैं?