पिछले गुजरात विधानसभा चुनाव के समय बनी राहुल गाँधी की नव हिंदू की छवि अब लगभग ख़त्म हो चुकी है, ऐसे में कॉन्ग्रेस घूम-फिर कर अपनी मूल कक्षा में जा पहुँची है।
लिबरल गैंग की समस्या हिन्दू धर्म, परंपरा, मान्यताओं और प्रतीकों से है क्योंकि हिन्दू बहुल देश में हिन्दुओं की बात करना ही वामपंथियों के हिसाब से सांप्रदायिक हो जाता है।
एले का आर्टिकल मुख्यत: इस बात पर था कि आखिर कैसे हिंदू अपने संस्कृति, त्योहार, सभ्यता के विरुद्ध तैयार किए जा रहे प्रचार पर मुखर होकर विरोध कर रहे हैं।