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History

सिंह चला गया लेकिन ‘माँ’ को सिंहगढ़ दे गया: बेटे की शादी छोड़ छत्रपति के लिए युद्ध करने वाले तानाजी

गाय और भेंड़ का माँस खाने वाला उदयभान। उसके 12 ताक़तवर बेटे। उसका सेनापति हिल्लाल। 1800 पठान। अरबों की सेना। इन सबके बावजूद तानाजी ने माँ को किया वादा निभाने के लिए अपनी जान न्योछावर कर दी। कहानी मराठा योद्धा और छत्रपति शिवाजी के विश्वस्त मित्र की।

हिंदुओं का नरसंहार करने वाले इस्लामी अक्रांता सागरिका घोष को लगते हैं देशभक्त और आजादी के परिंदे

लिबरल गैंग को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि उनका कहा सच है या झूठ। वे केवल अपने एजेंडे की परवाह करते हैं। उसे आगे बढ़ाने के लिए हिंदुओं पर क्रूर अत्याचार करने वाले इस्लामी शासकों का महिमामंडन करते हैं।

रोमिला थापर जैसे वामपंथियों ने गढ़े हिन्दू-मुस्लिम एकता की कहानी, किया इतिहास से खिलवाड़: विलियम डालरिम्पल

मार्क्सवादियों ने दिल्ली के राजनीति चश्मे से मुगलों का महिमामंडन और हिन्दू-मुस्लिम एकता के खोखले दावे करते हुए मनगढ़ंत इतिहास गढ़ा। इतिहास लेखन के कार्य में वामपंथियों ने दक्षिणपंथियों को बिल्कुल हाशिए पर रखा। जबकि वो यह अच्छी तरह से जानते थे कि वास्तव में वो भारत का इतिहास था ही नहीं, जिसका प्रचार वामपंथी अपने प्रोपेगेंडा के तहत कर रहे थे।

कत्लेआम और 1 लाख हिन्दुओं को घर से भगाने वाले का समर्थन: जामिया की Shero और बरखा दत्त की हकीकत

उन दंगों के कारण केरल से 1 लाख हिन्दुओं को भाग कर अपनी जान बचानी पड़ी थी। कॉन्ग्रेस पार्टी की अध्यक्ष रहीं एनी बेसेंट ने इस बारे में अपनी पुस्तक में एक घटना का जिक्र करते हुए लिखा है कि हिन्दुओं का बुरी तरह से कत्लेआम किया गया। जिन्होंने भी इस्लाम अपनाने से इनकार किया, उन्हें या तो मार डाला गया, या फिर उन्हें भाग कर जान बचानी पड़ी।

दक्षिणेश्वर समूह: इतिहास में गुम आज़ादी का एक पन्ना, क्रांति का एक नायक जिसने आज मौत को गले लगाया

फॉंसी से कुछ घंटे पहले वो वर्जिश कर रहे थे। जेल के एक अधिकारी ने पूछा- अब इसकी क्या जरूरत? जवाब मिला- हिन्दू हूॅं। पुनर्जन्म में विश्वास रखता हूॅं। अगले जन्म में भारत मॉं की सेवा के लिए और तंदरुस्त होकर लौटना चाहता हूॅं।

महाभारत में ‘बलात्कार’ की क्या सजा थी? इसे स्त्री की ‘इज्जत लुटने’ जैसी बेहूदी बात से किसने जोड़ा?

महाभारत की द्रौपदी वैसी नहीं थी जैसा उसे पूर्वग्रहों से ग्रस्त कुछ लोग दर्शाना चाहते हैं। क्या वो फैसले लेती नजर आती हैं? जवाब है- हाँ। जैसे आज के भारत में राष्ट्रपति के पास मृत्युदंड को क्षमा करने के अधिकार होते हैं, लगभग वैसे ही द्रौपदी भी मृत्युदंड माफ़ करती नजर आती है।

डॉ राजेंद्र प्रसाद को राष्ट्रपति बनने से रोकने के लिए नेहरू ने बोला झूठ तो पटेल ने कहा- शादी नक्की

"अगर दूल्हा भाग न जाए तो शादी नक्की"- सरदार पटेल की इस एक लाइन ने डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद की राह में रोड़े अटकाने वाले नेहरू के अरमानों पर पानी फेर दिया। नेहरू ने डॉक्टर प्रसाद को रोकने के लिए झूठ तक बोला लेकिन उनकी पोल खुल गई।

जब चमकी मारवाड़ी तलवार तो सलावत खान के दिल के हो गई पार, दरबार छोड़ नंगे पाँव भागा शाहजहाँ

ये कहानी है उस योद्धा की, जिसकी गाथा मारवाड़ में आज भी सुनाई जाती है। वो राठौड़, जिसके प्रताप से भयभीत होकर शाहजहाँ नंगे-पाँव अपने ही दरबार से भाग खड़ा हुआ। जिसकी वीरता देख मुगलों ने छल का सहारा लिया और प्रपंच की आड़ ली।

इतिहास में गुम हैं मुगलों को 17 बार हराने वाले अहोम योद्धा: देश भूल गया ब्रह्मपुत्र के इन बेटों को

राजपूतों और मराठों की तरह कोई और भी था, जिसने मुगलों को न सिर्फ़ नाकों चने चबवाए बल्कि उन्हें खदेड़ कर भगाया। असम के उन योद्धाओं को राष्ट्रीय पहचान नहीं मिल पाई, जिन्होंने जलयुद्ध का ऐसा नमूना पेश किया कि औरंगज़ेब तक हिल उठा। आइए, चलते हैं पूर्व में।

वैज्ञानिकों ने सबूत के साथ साबित किया सरस्वती नदी का अस्तित्व: वैदिक ऋचाओं पर रिसर्च की मुहर

78,000 ईसापूर्व से लेकर 18,000 ईसापूर्व और 7000 ईसापूर्व से लेकर 2500 ईसापूर्व की समयावधि में सरस्वती नदी निरंतर बिना किसी रुकावट के बहा करती थी। इसके साथ ही ऋग्वेद की उन कई ऋचाओं पर भी मुहर लग गई है, जिनमें सरस्वती नदी का जिक्र है।

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