इमरान ख़ान सऊदी क्राउन प्रिंस के स्पेशल प्लेन से अमेरिका पहुँचे। फिर भी इमरान ख़ान के लिए रेड कार्पेट नहीं बिछा। वहीं पीएम मोदी के लिए यह तो बिछा ही, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भी उनके सम्मान में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
"वे क्या करना चाहते हैं, यह उनकी इच्छा है। हमने उन्हें आतंक को मुख्यधारा बनाते देखा है। अब वे नफ़रत की भाषा को मुख्यधारा में इस्तेमाल करना चाहते हैं। यह उनकी इच्छा है, अगर वे यही करना चाहते हैं। ज़हरीले शब्द अधिक समय तक नहीं चलते।"
जिहादी गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए इमरान खान का ये बयान उस समय आया है जब वो जल्द ही संयुक्त राष्ट्र को संबोधित करने वाले है और साथ ही विश्व के सबसे शक्तिशाली देख अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप से मुलाकात करने वाले हैं।
मुस्लिम देशों ने प्रधानमंत्री इमरान खान से कहा है कि कश्मीर मुद्दे को लेकर दोनों देशों के बीच जारी तनाव को कम करने के लिए वह अपने भारतीय समकक्ष के खिलाफ अपनी भाषा में तल्खी को कम करें।
अलजजीरा के इंटरव्यू के दौरान जब उनसे चीन में वहाँ की सरकार द्वारा सताए जा रहे उइगरों के बारे में पूछा गया, तो इमरान इस सवाल को टालने लगे। उन्होंने कहा कि वो इस समस्या के बारे में ज्यादा नहीं जानते हैं।
पाकिस्तानी प्रोपगेंडा का राग अलापते हुए इमरान ने कहा, "कश्मीर में 80 लाख मुस्लिम पिछले लगभग छह सप्ताह से कैद हैं। भारत पाकिस्तान पर आतंकवाद फैलाने का आरोप लगा दुनिया का ध्यान इस मुद्दे से भटकाना चाहता है।"
इमरान खान की रैली में भीड़ दिखाने के लिए पाकिस्तान के एबटाबाद और रावलपिंडी से लोगों को ट्रकों में भरकर लाया गया। पीओके के राजनीतिक कार्यकर्ता अमजद अयूब ने बताया कि इस रैली का बहिष्कार करने पर पीओके की जनता को वैश्विक समुदाय से बधाई मिलनी चाहिए।
इस दौरान महिला सांसदों के साथ भी धक्का-मुक्की की गई। गो नियाजी गो से पाकिस्तानी संसद गूँजती रही, मार्शलों को भी मामला शांत करवाने के लिए बुलवाया गया, लेकिन नेता अपने काबू से बाहर होकर एक दूसरे पर लात-घूसा चलाते रहे।
"इस्लामाबाद में भी धार्मिक अल्पसंख्यकों के ख़िलाफ़ कभी हिंसा, नरसंहार, असाधारण हत्या, अपहरण, बलात्कार, धर्म परिवर्तन जैसे मामलों के रूप में भेदभाव होता हैं। जिनमें पाकिस्तानी हिंदू, ईसाई, सिख, अहमदिया और शिया उत्पीड़ित अल्पसंख्यकों में से एक हैं।"
इमरान ने कॉन्ग्रेस प्रवक्ता संजय झा को कॉल किया, जो नृत्य की तीन विधाओं- बेली डांस, बैलेट डांस और कत्थक डांस में पारंगत माने जाते हैं। लेकिन उन्होंने साफ़ इनकार कर दिया क्योंकि इमरान ने जोक्स और मीम्स के मामले में राहुल को भी पीछे छोड़ दिया है।