जम्मू-कश्मीर पुलिस के महानिदेशक दिलबाग सिंह के अनुसार नियंत्रण रेखा पर घुसपैठ के कई प्रयास हुए। इनमें से अधिकतर विफल कर दिए गए हैं। कुछ के घुसपैठ में सफल होने की आशंका जताते हुए कहा था कि उन्हें दबोचने के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद से ही पाकिस्तान बौखलाहट भरी प्रतिक्रिया दे रहा है। इसके बावजूद एससीओ के कॉन्फ्रेंस में उसे आमंत्रित किया गया था। सम्मेलन में 27 विदेशी और 40 भारतीय अधिकारियों ने हिस्सा लिया था।
ये घटना कुपवाड़ा के केरन सेक्टर की है, जहाँ एलओसी के पास पाकिस्तान की इस हरकत को नाकाम किया गया। भारतीय सेना द्वारा जारी की गई वीडियो में 5 बैट आतंकियों की लाशें और उनके हथियार दिख रहे हैं।
“हमें जानकारी मिली है कि भारत के दक्षिणी हिस्से में आतंकी हमला हो सकता है। सर क्रीक से कुछ लावारिस बोट बरामद की गई हैं। हम आतंकी और विरोधी तत्वों की हर नापाक कोशिशों को नाकाम करने के लिए सावधानी बरत रहे हैं।”
चोटी पर तिरंगा लहराने के बाद विक्रम बत्रा ने कहा था, “यह दिल माँगे मोर” और उसी वक़्त से यह हिंदुस्तानी फ़ौज का मंत्र बन गया। बत्रा के जज़्बे को देखते हुए यूनिट ने उनको नया नाम दिया ‘शेरशाह’ यानी ‘शेरशाह ऑफ़ कारगिल’।
सेना के अस्पताल के अधिकारियों ने कहा कि बच्ची को गंभीर हालत में अस्पताल में लाया गया था। डॉक्टरों के प्रयास से बच्ची खतरे से बाहर है और अगले 72 घंटों के बाद उसे हास्पिटल से छुट्टी दे दी जाएगी।
जैश और लश्कर की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पोल खुलने के कारण आईएसआई ने एक नए नाम से आतंकी संगठन तैयार किया है। इसका नाम अल-उमर-मुजाहिद्दीन (AUM) है। इसका अगुआ मुश्ताक अहमद जरगर उर्फ मुश्ताक लातराम है।
खलील अहमद और नाजिम खोखर ने बताया कि रावलपिंडी सैन्य मुख्यालय में उनकी मुलाकात पाक सेना के कुछ बड़े अधिकारियों से कराई गई। इसके बाद कश्मीर में हमले के लिए 7 लश्कर आतंकियों का ग्रुप तैयार किया गया। इनमें 3 अफगानी मूल के आतंकी हैं।
आईएसआई अधिकारियों और मौलवियों ने बीते हफ्ते बलूचिस्तान और पाकिस्तानी पंजाब के इलाकों का दौरा किया है। इसका मकसद आतंकी मंसूबों को पूरा करने के लिए नए लड़कों की बहाली करना है।