हलाल चश्मा बनाने वाली अटल्ला इंडोनेशिया कंपनी के निदेशक सिद्धार्थ ने बताया कि उनके प्रोडक्ट को 2 अक्टूबर को ही हलाल सर्टिफिकेट मिल गया था। उनका उद्देश्य इंडोनेशिया की बहुसंख्यक आबादी यानी मुस्लिम लोगों में अपने वस्तु की कीमत और ब्रांडिंग को बढ़ाना है।
उत्तर सुमात्रा के गवर्नर ने प्रस्ताव दिया था कि उनका प्रशासन हलाल पर्यटन को बढ़ावा देगा, लेकिन स्थानीय लोगों ने अब पोर्क उत्सव का आयोजन करके एक अनोखे तरीके से हलाल पर्यटन का विरोध करने का फ़ैसला किया है।
कानून और मानवाधिकार मंत्री लाओली का कहना है कि वर्तमान कानून औपनिवेशिक ताकत डचों द्वारा दिए गए हैं। उनके 100 साल पुराने दंड विधान की जगह नए कानून इंडोनेशिया के लोगों के अधिक करीब होंगे।