नाइयों ने श्राद्ध के काम के लिए सामान ना होने का बहाना बनाया तो वहीं पुरोहितों ने मामला पुलिस के पास होने के चलते आने से मना किया। चंदन दास के परिजनों ने कहा कि असल वह डर है।
इस्लामी कट्टरपंथियों ने मुर्शिदाबाद में वृद्ध हरिगोविन्द दास और उनके बेटे की चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी थी। उनका परिवार एक एम्बुलेंस में छुप कर झारखंड पहुँचे हैं।