तालिबान की क्रूरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अफगानिस्तान में सड़कों पर लाशों के ढ़ेर लगे हुए हैं। इसके अलावा लड़कियों का अपहरण किया जा रहा है ताकि तालिबानी लड़ाकों से उनका निकाह कराया जा सके।
अफगानिस्तान के उपराष्ट्रपति अमरुल्लाह सालेह ने भी अब्दुल्ला अतेफी की हत्या की निंदा की और कहा कि अफगानिस्तान की बुद्धिमत्ता खतरे में है और तालिबान इसे ख़त्म करके अफगानिस्तान को बंजर बनाना चाहता है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक लखनऊ के प्राचीन हनुमान मंदिर समेत जिले के अन्य बड़े मंदिरों एवं आरएसएस कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी देने के लिए गिरफ्तार आरोपित शफीक के संबंध धर्मान्तरण गिरोह से हैं और वह देवबंद से भी जुड़ा हुआ है।
तालिबानी आतंकवादियों ने अफगानिस्तान के ज्यादातर इलाकों में कब्जा कर लिया है। वह यहाँ निर्दोष लोगों को मार रहे हैं। जिन लोगों को गोलियों से छलनी किया उन्होंने अफगान सरकार का समर्थन किया था।