मुदस्सिर फ़रवरी 2018 में सुंजवाँ में हुए आतंकी हमले में भी शामिल था। उस हमले में 6 सुरक्षा बल के जवान वीरगति को प्राप्त हो गए थे। जनवरी 2018 में लेथपुरा सीआरपीएफ कैम्प पर हुए हमले में भी उसका हाथ था। उस हमले में सीआरपीएफ के 5 जवान वीरगति को प्राप्त हो गए थे।
बीबीसी ने दो ऐसी भारत-विरोधी राय तो प्रसारित की, जिनके अनुसार भारत-पाकिस्तान तनाव 'मोदी स्टंट' है लेकिन चैनल ने डॉक्टर मोनिका की राय प्रसारित नहीं की क्योंकि उन्होंने कश्मीर और आतंकवाद के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया।
जम्मू-कश्मीर आरक्षण अधिनियम, 2004 में संशोधन के माध्यम से राज्य सरकार की नौकरियों में आरक्षण वाले प्रावधान के भीतर नियंत्रण रेखा के पास रहने वाले लोगों के साथ अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास रहने वाले लोगों को भी लाया गया है।
हेलिकॉप्टर दुर्घटना के दौरान दो हिस्सों में टूट गया और उसमे आग लग गई। आग के कारण इलाक़े में काला धुआँ छा गया। अभी तक दोनों मृतकों की पहचान नहीं हो सकी है।
यासीन मालिक के अलावा कई अन्य कश्मीरी अलगाववादियों के ठिकानों पर NIA की छापेमारी चालू है। मलिक को गत शुक्रवार (फरवरी 22, 2019) को गिरफ़्तार किया गया गया था। ताज़ा छापेमारी यासीन मलिक के श्रीनगर के मैसुमा स्थित आवास पर की जा रही है।
सरकार ने यह भी साफ़ कर दिया है कि अब किसी भी अलगाववादी को भविष्य में सुरक्षा प्रदान नहीं की जाएगी। साथ ही, इन्हें मिल रही अन्य सुविधाएँ भी छीन ली जाएँगी।
छात्रा ने पुलवामा हमले को सही ठहराया था। उसने पुलवामा में वीरगति को प्राप्त हुए जवानों का अपमान करते हुए सोशल मीडिया पर एक स्टेटस लगाया था। सूचना मिलते ही सैकड़ों छात्रों ने उस पर कार्रवाई की माँग की।
इस हमले में हाई इंटेंसिटी वाले 'मिलिट्री ग्रेड एक्सप्लोसिव (RDX)' का प्रयोग किया गया था। इस विस्फोटक को पाकिस्तानी सेना द्वारा आतंकियों को सप्लाई किया जाता है।
इस बार आतंकियों ने जम्मू-कश्मीर में रजौरी के नौशेरा में आईईडी ब्लास्ट किया, जिसमें इंजीनियरिंग कोर के मेजर के साथ दो अन्य गंभीर जवान गंभीर रूप से घायल हो गए।
जवानों की शहादत पर लोगों ने जम्मू शहर में जौहरी चौक, पुरानी मुंडी, रेहरी, शक्तिनगर, पक्का डंगा, जानीपुर, गाँधीनगर और बख्शीनगर समेत कई जगहों पर बड़े पैमाने पर पाकिस्तान के विरोध में नारे लगाते हुए प्रदर्शन किया।