Homeरिपोर्टराष्ट्रीय सुरक्षामोदी सरकार एक्शन में, यासीन मालिक सहित कई अलगाववादियों के घरों पर NIA की...

मोदी सरकार एक्शन में, यासीन मालिक सहित कई अलगाववादियों के घरों पर NIA की रेड

मलिक के साथ-साथ अन्य अलगाववादी नेताओं मीरवाइज़ उमर फ़ारुख़, साबिर शाह, अशरफ़ सेहराई के यहाँ भी छापेमारी चल रही है।

अलगाववादी नेता यासीन मलिक के घर पर राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने छापा मारा है। ख़बरों के अनुसार, सुबह साढ़े सात बजे से ही यह रेड चालू है। सूचना यह भी है कि यासीन मालिक के अलावा कई अन्य कश्मीरी अलगाववादियों के ठिकानों पर NIA की छापेमारी चालू है। मलिक को गत शुक्रवार (फरवरी 22, 2019) को गिरफ़्तार किया गया गया था। उस से पहले भारत सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सभी अलगाववादियों सहित 160 कश्मीरी नेताओं की सुरक्षा वापस ले ली थी।

एक अन्य बड़ी ख़बर के मुताबिक़, भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान स्थित आतंकी ठिकानों पर बम वर्षा कर उन्हें तबाह कर दिया। सरकार एक के बाद एक कई कड़े क़दम उठाते हुए पाकिस्तान को लगातार घेरने की कोशिश कर रही है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान को अलग-थलग करने से लेकर कश्मीर में अलगववादियों पर शिकंजा कसने तक- भारत ने हर तरफ से सख़्त रवैया अपना कर आतंकवाद के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई करने के संकेत दिए थे।

ताज़ा छापेमारी यासीन मलिक के श्रीनगर के मैसुमा स्थित आवास पर की जा रही है। मालिक जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट का चेयरमैन है। 52 वर्षीय मलिक कश्मीर की कथित आज़ादी की वकालत करता रहा है। उसके घर पर NIA की छापेमारी को भारत सरकार की नयी कश्मीर नीति का संकेत है। एक से एक बदलते घटनाक्रम के बीच यह साफ़ हो गया है कि सरकार इन अलगाववादियों पर अब नरम रुख नहीं रखना चाहती। मलिक पर छापेमारी ख़त्म होने के बाद इस बारे में और अधिक जानकारी मिलेगी।

एक अन्य ख़बर के मुताबिक़, मलिक के साथ-साथ अन्य अलगाववादी नेताओं मीरवाइज़ उमर फ़ारुख़, साबिर शाह, अशरफ़ सेहराई के यहाँ भी छापेमारी चल रही है। तस्वीरों में मलिक के घर के बाहर मौजूद सुरक्षाकर्मी देखे जा सकते हैं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

चेहरे चमक गए, पर मुद्दे धुंधले पड़े: CJP की अंदरूनी लड़ाई ने आंदोलन की साख पर उठाए सवाल, छात्रों के टूटते भरोसे की कहानी

CJP के भीतर विवाद, नेताओं की सक्रियता और छात्रों की नाराजगी ने आंदोलन की विश्वसनीयता पर बहस छेड़ दी है। समझें कैसे असली मुद्दे पीछे छूट गए?

CJP प्रोपेगेंडा आपकी टाइमलाइन तक कैसे पहुँच रहा? समझिए Meta का एल्गोरिदम और मॉडरेशन कैसे साध रहे ग्लोबल लेफ्ट का नैरेटिव

CJP के प्रदर्शन से जुड़े Videos और पोस्ट Meta का एल्गोरिदम कैसे लोगों के फीड तक पहुँचा रहा है, जिन्होंने फॉलो नहीं किया, वो भी इनको देख रहे।
- विज्ञापन -