ट्रम्प भारत में थे तो दंगे हुए, वेंस भारत में हैं तो आतंकी हमला। दोनों के पीछे एक ही सोच काम करती है - खतना चेक करने वाली। मुर्शिदाबाद में भी यही सोच काम करती है। इन्हें अलग करके मत देखिए।
फैशन शो में पहने गए कपड़े देख कश्मीर में इस्लामी कट्टरपंथी भड़क गए। उन्होंने कहा कि रमजान के महीने में ये सब क्या हो रहा है। स्थानीय इससे सदमे में हैं।
13 जुलाई 1931 की जिस घटना को 'इस्लामी विद्रोह' बताया जाता है, असल में वह हिंदुओं के विरुद्ध मजहबी घृणा से उपजी थी। अब जिहादियों को 'शहीद' बता छुट्टी की माँग हो रही है।
एक पीड़ित ने बताया कि एक वर्ष के भीतर उसका 500 से अधिक बार यौन शोषण एजाज अहमद ने किया। एजाज अहमद ने मामला दर्ज होने के बाद भी पीड़ितों के परिवार को धमकाया।
हमले का इलाका पहले पुंछ और राजौरी तक सीमित था। लेकिन बाद में यह रियासी जैसे इलाके तक फ़ैल गए। ऐसे ही एक हमले में श्रद्धालुओं की बस को भी आतंकियों ने निशाना बनाया था।