एक समय था जब यासीन मलिक खुलेआम कश्मीरी पंडितों की हत्या की बात स्वीकारता था और तत्कालीन पीएम उसका स्वागत करते थे। यही वजह है कि मुशाल को राहुल गाँधी से उम्मीद है कि वो उनके शौहर को बचाएँगे।
जिस संविधान से उमर अब्दुल्ला मुख्यमंत्री बने हैं उसी संविधान के तहत जम्मू-कश्मीर को केंद्रशासित प्रदेश घोषित किया गया है। फिर इस मामले पर सरकारी कार्यक्रम का विरोध कितना उचित है?