आर्टिकल 370 के प्रावधानों को निष्प्रभावी किए जाने के बाद से पाकिस्तान को कुछ सूझ ही नहीं रहा है। वह ऐसे फैसले ले रहा है, जो आत्मघाती साबित हो रहे हैं। सिर्फ सामरिक ही नहीं, आर्थिक मोर्चे पर लिए फैसले भी पाकिस्तान को नुकसान पहुँचा रहे हैं।
गृह मंत्रालय ने अपने ट्वीट में कहा कि रायटर्स और डॉन में छपी खबरों में इस तरह के दावे किए गए कि श्रीनगर में 10,000 लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। यह पूरी तरह मनगढ़ंत है। श्रीनगर और बारामूला में छिटपुट प्रदर्शन हुए, लेकिन इसमें 20 से अधिक लोग नहीं थे।
राज्यपाल सत्यपाल मलिक के अनुसार, लोग बकरीद मना सकें इसके लिए प्रशासन ने राज्य में सभी आवश्यक इंतज़ाम कर लिए हैं। उन्होंने बताया कि राज्य में दो महीने का राशन है, पेट्रोल, डीज़ल और एलपीजी का स्टॉक मौजूद है।
केन्द्र शासित प्रदेश बनने के बाद देश के अन्य प्रदेशों की विधानसभा की तरह ही जम्मू-कश्मीर विधानसभा का कार्यकाल भी पॉंच साल ही होगा। जब तक गुलाम कश्मीर भारत का हिस्सा नहीं बनता सदन की 24 सीटें खाली रहेंगी। यूटी लद्दाख में विधानसभा नहीं होगी।
जम्मू-कश्मीर की 80 प्रतिशत आबादी कृषि पर निर्भर करती है। जानकारों का मानना है कि अनुच्छेद-370 में संशोधन के बाद सरकार द्वारा पैसा भेजने में तेज़ी आएगी क्योंकि वहाँ की शासन व्यवस्था अब सीधे केंद्र के हाथों में है।
सीताराम येचुरी अपनी पार्टी के सदस्यों से मिलने के लिए जम्मू कश्मीर जा रहे थे, मगर श्रीनगर एयरपोर्ट पर उन्हें रोक दिया गया था और अब वापस दिल्ली भेज दिया गया है।
वीडियो में तनवीर फ़ातिमा ने हुर्रियत नेता सैय्यद अली शाह गिलानी, अलगाववादी नेता यासिन मलिक और मीर वाइज़ का नाम लेते हुए कहा है कि ये लोग बच्चों को गुमराह करते हैं। उन्हें आज़ादी के सपने दिखा पत्थरबाज़ी की राह पर ले जाते हैं।
हिन्दू संगठनों ने कहा, "जो परिवार अपनी जन्मभूमि वापस नहीं जाना चाहते, उनकी संपत्ति का सरकार इस्तेमाल करे और ऐसे सभी परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाए। यह सब सरकार का दायित्व है।"
जब भारत सरकार का रुख साफ़ है कि पूरा का पूरा जम्मू कश्मीर देश का अभिन्न अंग है और यह हमारा आंतरिक मुद्दा है, ऐसे में इन प्रोपेगेंडा पोर्टल्स द्वारा पाकिस्तानी अजेंडे को आगे बढ़ाना कहाँ तक उचित है?
ऑपइंडिया तीखी-मिर्ची सेल की ख़ुफ़िया रिपोर्ट्स की मानें तो इन आतंकियों को उत्तर प्रदेश पुलिस की निगरानी में मात्र 'ठाँय-ठाँय' के ही स्वर से जन्नत-ए-फ़िरदौस की पहली यात्रा ट्रायल के तौर पर करवाई जाएगी।