“यह किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अपने भाईचारे को कायम रखने के लिए इतनी बड़ी कीमत चुकानी पड़े कि लगातार बेटियाँ अगवा हो रही हैं, लगातार उनका जबरन निकाह हो रहा है, धर्म परिवर्तन हो रहा है।"
जम्मू एयर फोर्स स्टेशन के टेक्निकल एरिया में रविवार (27 जून) की रात को ड्रोन की सहायता से किए गए दो धमाकों को जम्मू-कश्मीर के डीजीपी दिलबाग सिंह ने आतंकी हमला बताया है।
लोगों ने कहा कि जज ने सुनवाई के दौरान पूछा तक नहीं कि लड़की के परिजन कहाँ हैं। सिखों ने जम्मू कश्मीर में भी उत्तर प्रदेश की तर्ज पर 'लव जिहाद' के खिलाफ कानून बनाने की माँग की।
आतंकी गतिविधियों को देखते हुए सुरक्षा बलों के लिए जम्मू-कश्मीर में 48 घंटे के हाई अलर्ट का ऐलान किया गया है। गुरुवार को यहाँ इंटरनेट सेवा सस्पेंड की जा सकती है।
पेपर में लिखा गया, "...अल्लाह के शरण में जाना मेरे मन को शांत करता है और साथ ही मुझे एक समझ देता है कि चीजों के होने का उद्देश्य क्या था जो मुझे कहीं और से नहीं पता चलता।"