“हमने पुलिस गोलीबारी में मारे गए लोगों के परिवार के सदस्यों को मुआवजा नहीं देने का फैसला नहीं किया है, क्योंकि अपराधियों को मुआवजा देना अपने आप में एक अक्षम्य अपराध है। इससे पहले सरकार ने उन्हें मुआवजा देने का फैसला किया था, लेकिन अब हमने इसे वापस ले लिया है।”
31 वर्षीय वरुण पर सीएए के विरोधियों ने धारदार हथियार से हमला किया। हमला काफ़ी क्रूर तरीके से किया गया। उनके सिर में गहरी चोट आई है। बेंगलुरु साउथ के सांसद व युवा भाजपा नेता तेजस्वी सूर्या ने हॉस्पिटल में जाकर उनका हालचाल जाना।
मेंगलुरु हॉस्पिटल में दो लोगों के मरने की ख़बर आई है। ये दोनों मंगलुरु नार्थ पुलिस स्टेशन को आग के हवाले करने जा रहे थे। पुलिस ने प्रदर्शन को हिंसक होते देख गोली चलाई और ये दोनों ही मारे गए। लखनऊ में भी एक प्रदर्शनकारी मारा गया।
पुलिस अधिकारी तनवीर अहमद ने उपद्रवियों क नेतृत्वकर्ता को सपाट शब्दों में कहा कि वो भड़का कर लोगों के भविष्य से न खेलें, ख़ासकर छात्रों के। पुलिस अधिकारी तनवीर ने उपद्रवी महिला वामपंथी को फटकारते हुए कहा- "छात्रों के करियर से मत खेलो। जाओ यहाँ से।"
नागरिकता संशोधन क़ानून के विरोध में वामदलों और कुछ मुस्लिम संगठनों ने आज भारत बंद का ऐलान किया था। इसी विरोध-प्रदर्शन में पहुँचे इतिहासकार रामचंद्र गुहा को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।
गुरुवार को कई वामपंथी व मजहबी संगठनों ने बंद का आयोजन किया था। पुलिस को ख़ुफ़िया सूचना मिली कि इस्लामी संगठनों और वामपंथियों के विरोध प्रदर्शन की आड़ में कुछ देशविरोधी ताक़तें हिंसा पर उतर सकती हैं और दिल्ली की तर्ज पर बेंगलुरु में भी दंगा भड़काया जा सकता है।
राजदीप सरदेसाई ने ट्वीट कर कहा है कि कॉन्ग्रेस और जेडीएस अभी भी गुटबाजी में फॅंसी है। उन्होंने पैसे और सरकारी मशीनरी के इस्तेमाल से नतीजों पर असर डाले जाने की बात भी कही है।
उपचुनावों में बीजेपी को 49.7% वोट हासिल हुए हैं। कॉन्ग्रेस को 31% वोट मिले। कुमारस्वामी की JD (S) को भी तगड़ा झटका लगा है। उसे सबसे कम यानी 13.3% ही वोट मिले हैं।
कुमारस्वामी की JD (S) को तगड़ा झटका लगा है। ऐसा इसलिए क्योंकि पार्टी अभी तक अपना खाता भी नहीं खोल पाई। आँकड़ों के अनुसार, JD (S) को सबसे कम यानी 13.3% ही वोट मिले हैं।
कर्नाटक में येदियुरप्पा की अगुआई में बीजेपी की सरकार बनवाने में रमेश जरकीहोली की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने ही 16 अन्य विधायकों के साथ बगावत की थी जिसके कारण कॉन्ग्रेस-जेडीएस गठबंधन की सरकार गिरी थी।