चारों मुख्य पार्टियों भाजपा, कॉन्ग्रेस, एनसीपी और शिवसेना में सबसे कम यानी केवल 44 विधायक कॉन्ग्रेस के जीते हैं, और राज्यपाल के राष्ट्रपति शासन से पहले की मीटिंग में न बुलाने पर बिफ़र ऐसे रहे हैं मानो बैठक में होते तो दावा सीएम की दावेदारी का पेश कर देते!
इस बेंच का नेतृत्व और कोई नहीं, खुद हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ए एस ओका कर रहे थे। इसी बेंच ने राज्य सरकार से पूछा कि क्या कारण है राज्य सरकार द्वारा पिछले चार साल से किए जा रहे आयोजन को रोकने का।
"ये एक घिनौना सच है कि जिन महिलाओं ने बिशप के अंतर्गत काम किया। बिशप ने उसके साथ संबंध बनाए। उन्हें बहु-मंजिला इमारतों और Diocesan संस्थानों में नौकरी के अवसर सहित सभी सुविधाएँ प्रदान करके जीवन की हर विलासिता दी गई।"
यह 138 किलोमीटर के 'रेलवे लाइन डबलिंग प्रोजेक्ट' में बाधा बन रहा था, जिसके कारण इसे हटाया गया। इस शस्त्रागार को शिफ्ट न किए जाने के कारण रेलवे का ये डबलिंग प्रोजेक्ट क़रीब एक दशक तक अधर में रहा।
"टीपू सुल्तान ने हजारों ईसाईयों व कोडवा समुदाय के लोगों को जबरन इस्लाम कबूल करवाया था। उसने अपने शासनकाल के दौरान फ़ारसी को आधिकारिक भाषा का दर्जा दिया था। वो कोई स्वतंत्रता सेनानी भी नहीं है।"
अपनी सरकार नहीं बचा पाए कुमारस्वामी ने दावा किया है कि वे बीजेपी की सरकार गिरने नहीं देंगे। उन्होंने कहा है कि मध्यावधि चुनाव की कॉन्ग्रेस की मंशा कभी पूरी नहीं होगी।
पिछले महीने सोनिया ने आईएनएक्स मीडिया केस में तिहाड़ में बंद रहे पी चिदंबरम से भी मुलाक़ात की थी। कॉन्ग्रेस पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष का इस तरह अपनी पार्टी के दागी नेताओं से जेल जाकर मिलना कई सवाल खड़े कर रहा है।
केसी वेणुगोपाल सिर्फ एक नेता नहीं हैं। वो कर्नाटक प्रदेश कॉन्ग्रेस के महासचिव भी हैं। बावजूद इसके वो हिस्ट्रीशीटर यानी अपराधी इश्तियाक अहमद से मिलते हैं... कहाँ मिलते हैं? - कॉन्ग्रेस के मुख्यालय में! इश्तियाक अहमद IMA की अरबों रुपए की पोंज़ी स्कीम में भी गिरफ्तार किया गया था।
कहने को तो यह वीडियो क्लिप महज़ 1 मिनट 5 सेकंड की है, लेकिन ऐसी क्रूरता बर्दाशत करने के लिए लिए पीड़ितों को एक लम्हा... सौ सदियों के बराबर लगा होगा। छटपटाहट के उस क्षण की पीड़ा को उनसे बेहतर और कोई नहीं समझ सकता, ऐसी बर्बरता जानवरों से भी बदतर व्यवहार है।