Homeराजनीतिकर्नाटक उपचुनाव: नतीजों से राजदीप सरदेसाई आहत, कहा- जनता ने दलबदलुओं को कबूला

कर्नाटक उपचुनाव: नतीजों से राजदीप सरदेसाई आहत, कहा- जनता ने दलबदलुओं को कबूला

करारी शिकस्त के बाद कॉन्ग्रेस में भी इस्तीफे का दौर शुरू हो गया है। दिनेश गुंडू राव ने प्रदेश अध्यक्ष तो पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने विधायक दल के नेता पद से इस्तीफा दे दिया है।

कर्नाटक विधानसभा उपचुनावों में भाजपा की जीत मीडिया गिरोह के जाने-माने नाम राजदीप सरदेसाई आहत हैं। परिणामों की तस्वीर साफ होते-होते उन्होंने एक ट्वीट किया है और बताया है कि उनके लिए यकीन कर पाना बेहद मुश्किल है कि भाजपा सत्ता में बनी रहेगी।

राजदीप सरदेसाई ने ट्वीट कर कहा है कि कर्नाटक के संदेश स्पष्ट हैं। राज्य में भाजपा नंबर वन पार्टी है। कॉन्ग्रेस और जेडीएस अभी भी गुटबाजी में फॅंसी है। मतदाता खुशी-खुशी दलबदलुओं को स्वीकार कर रही है। उन्होंने पैसे और सरकारी मशीनरी के इस्तेमाल से नतीजों पर असर डाले जाने की बात भी कही है।

येदियुरप्पा की अगुवाई वाली भाजपा सरकार का भविष्य उपचुनावों के नतीजे पर टिका था। 15 सीटों में से कम से 7 पर जीत बीजेपी के लिए जरूरी थी। लेकिन, वह 12 सीटें जीतने में कामयाब रही है। इससे आहत राजदीप ने जनता को ही इशारों इशारों में कसूरवार ठहराते हुए उसे ‘दलबदलुओं’ का समर्थक बता दिया।

करारी शिकस्त के बाद कॉन्ग्रेस में भी इस्तीफे का दौर शुरू हो गया है। दिनेश गुंडू राव ने कॉन्ग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कॉन्ग्रेस विधायक दल के नेता पद से इस्तीफा दिया था।

सोनिया गाँधी को झटका, सिद्धारमैया ने सौंपा इस्तीफ़ा: कर्नाटक उप चुनाव में पार्टी की हुई छीछालेदर

कर्नाटक उपचुनाव पर कुमारस्वामी का बयान- हम दुःखी थे, लेकिन हमसे ज़्यादा दुःखी 3 और लोग थे

हम भी रेले गए थे, तुम भी रेले जाओगे: उद्धव ठाकरे को मिली कुमारस्वामी की चिट्ठी

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?

मुस्लिमों को रिझाने में 2017 में औंधे मुँह गिरे थे अखिलेश, आरक्षण का वादा किया लेकिन घोषणापत्र खाली रहा: 2027 के चुनावी रण में...

मुस्लिम आरक्षण पर अखिलेश बयानों से लेकर मुलायम सिंह यादव की मुस्लिम राजनीति अपने पुराने ढर्रे पर रही है। हालाँकि अब यूपी में वोटर्स अपनी प्रथमिकताएँ बदल रहे हैं।
- विज्ञापन -