प्रदर्शनस्थल पर टेंट आदि समेट लिए गए हैं। भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने कहा है कि उनका प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरह से जारी रहेगा। पुलिस चाहे तो गिरफ्तार कर सकती है।
प्रबंधन ने राजदीप के ट्वीट्स को ग्रुप की सोशल मीडिया पॉलिसी से अलग माना है। इसीलिए अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें 2 हफ़्ते के लिए ऑफ़ एयर कर दिया।
राजधानी में हुई हिंसा के बाद एक्शन मोड में आई दिल्ली पुलिस ने 37 नेताओं पर एफआईआर दर्ज की है। इनमें राकेश टिकैत, डाॅ दर्शनपाल, जोगिंदर सिंह, बूटा, बलवीर सिंह राजेवाल और राजेंद्र सिंह के नाम शामिल हैं।
वास्तविकता ये है कि आप इतने दिनों से एक ऐसी भीड़ के जमावड़े को किसान का आंदोलन कहते रहे। जिसकी परिभाषा वामपंथी मीडिया गिरोह और विपक्षियों ने गढ़ी और जिसका पूरा ड्राफ्ट एक साल पहले हुए शाहीन बाग मॉडल के आधार पर तैयार हुआ।