टीएसमी में धड़ाधड़ इस्तीफों के बीच अमित शाह बंगाल में हैं। सत्ताधारी दल भी डैमेज कंट्रोल में लगी है। बागी विधायक जितेंद्र तिवारी अपने स्टैंड से पीछे हट गए हैं।
AAP यूटर्न में माहिर है। कृषि कानूनों पर भी उसका रवैया ऐसा ही है। यही वजह है कि रूबिका लियाकत के सामने अडानी का नाम लेकर संजय सिंह फँस गए और उन्हें जवाब सूझ नहीं रहा था।
टीएसमी में 48 घंटे के भीतर 9 इस्तीफे। माकपा विधायक तापसी मंडल का बीजेपी में शामिल होने का ऐलान। अमित शाह के दौरे से पहले तेजी से बदल रहे बंगाल के समीकरण।
“मुझे लगता है कि उनको पीड़ा इस बात से नहीं है कि कृषि कानूनों में सुधार क्यों हुआ। उनको तकलीफ इस बात से है कि जो काम हम कहते थे लेकिन कर नहीं पाते थे, वो मोदी ने कैसे किया, मोदी ने क्यों किया।”
दिल्ली पुलिस ने कोर्ट में दिल्ली दंगों की आरोपित व पिंजड़ा तोड़ मुहिम की सदस्य नताशा नरवाल की जमानत याचिका पर बहस के दौरान उक्त दलीलें कोर्ट के समक्ष पेश की।