ओवैसी, शरजील इमाम, हुसैन हैदरी, इकबाल, जिन्ना, लादेन की फेहरिश्त में आप नाम जोड़ते जाइए उन सबका भी जो शायद आपके आसपास बैठा हो, जो आपके साथ काम करता हो, जिनका पेशा कुछ भी क्यों न हो लेकिन वो लगे हों उम्मत के लिए ही।
"ज्ञानवापी मस्जिद पहले भगवान शिव का मंदिर था जिसे मुगल आक्रमणकारियों ने ध्वस्त कर मस्जिद बना दिया था, इसलिए हम हिंदुओं को उनके धार्मिक आस्था एवं राग भोग, पूजा-पाठ, दर्शन, परिक्रमा, इतिहास, अधिकारों को संरक्षित करने हेतु अनुमति दी जाए।"
जाफराबाद में संशोधित नागरिकता कानून (CAA) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान एक प्रदर्शनकारी पिस्टल लेकर पहुँच गया। जानकारी के मुताबिक, उसने 8 राउंड फायरिंग भी की।
'नमस्ते ट्रंप' कार्यक्रम के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस्लामिक आतंकवाद और पाकिस्तान का मसला जोर-शोर से उठाया। इससे पहले प्रधानमंत्री के अमेरिकी दौरे के वक्त 'हाउडी मोदी' में भी उन्होंने इस्लामिक आतंकवाद का मिलकर सफाया करने की बात कही थी।
साबरमती आश्रम में जब ट्रंप पीएम मोदी और भारत की शान में कसीदे पढ़े रहे थे, उससे पहले नेशनल हेराल्ड ने एक लेख छाप देश को नीचा दिखाने की पूरी कोशिश की। इसके मुताबिक, भारत पहला गरीब देश है जिसकी यात्रा पर अमेरिकी राष्ट्रपति आए हैं।
ट्रंप की आगवानी के लिए अहमदाबाद पूरी तरह तैयार है। मोटेरा स्टेडियम में लोगों की एंट्री होने लगी है। इसके अलावा ट्रंप आगरा और दिल्ली की भी यात्रा करेंगे। इस दौरान पॉंच बड़े समझौतों की उम्मीद है।
फरीदाबाद सड़क खोलने की माँग को लेकर प्रदर्शन कर रहे सरिता विहार जसोला आदि इलाके के लोगों का कहना है कि जब तक फरीदाबाद की सड़क नहीं खुलती, वो शाहीन बाग़ मेट्रो स्टेशन को जाने वाली सड़क बंद रखेंगे।
सुब्रमण्यम स्वामी ने ईसाइयत, इस्लाम और हिन्दू धर्म के बीच का फर्क बताते हुए कहा, "हिन्दू धर्म जहाँ प्रत्येक मार्ग से ईश्वर की प्राप्ति सम्भव बताता है, वहीं ईसाइयत और इस्लाम दूसरे धर्मों को कमतर और शैतान का रास्ता करार देते हैं।"
भीड़ ने जब मंदिर और पुलिस पर ज्यादा पथराव किया तो बदले में पुलिस ने पत्थरबाजों पर आँसू गैस के गोले छोड़े। इसके बाद वहाँ मौजूद लोगों में भगदड़ मच गई और धरना दे रहीं महिलाएँ भी भाग गईं। देहलीगेट और ऊपरकोट इलाके में सुबह से जारी जुलूस प्रदर्शनों में भीम आर्मी के कार्यकर्ता भी शामिल रहे।
साल 2000 में अमेरिकी राष्ट्रपति क्लिंटन की भारत यात्रा के दौरान 19-20 मार्च की रात आर्मी की ड्रेस में आए हमलावरों ने 35 सिखों को मौत के घाट उतार दिया था वहीं 36 वीं मौत इस भयंकर मंजर को देख, एक महिला को हुए कार्डियक अरेस्ट के कारण हुई थी।