पीएम मोदी ने हरियाणा की जनता को लोकसभा चुनाव में दसों सीटों पर जीत दिलाने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने करतारपुर प्रोजेक्ट के लगभग पूरे होने पर भी अपनी खुशी व्यक्ति की और कहा कि वे भाग्यशाली हैं जो उन्हें 70 साल पहले के मुद्दे को सुलझाने का मौक़ा मिला।
ऐसा बताया जा रहा है कि गिरफ्तार आरोपित उत्पल ने पुलिस पूछताछ में अपना गुनाह कबूल कर लिया है। उत्पल का कहना है उसने बंधु प्रकाश पाल की इंशोरेंस कंपनी में पैसे लगाए हुए थे। उत्पल ने पुलिस को बताया कि उसे बंधु प्रकाश से 24000 रुपए लेने थे। लेकिन......
आज कॉन्ग्रेस 'न्याय योजना' को लेकर बनर्जी का गुणगान करते नहीं थक रही। लेकिन, इंदिरा के जमाने में 250 लड़कियों सहित क़रीब 700 छात्र गिरफ्तार किए गए थे। अभिजीत बनर्जी पर 'हत्या की कोशिश' के आरोप लगाए गए थे।
पुलिस के अनुसार तीनों कथित एक्टिविस्ट्स 4 ऐसे संगठनों से जुड़े थे, जो प्रतिबंधित माओवादी संगठन के मुखौटे के रूप में काम करते हैं। वर्नोन और फरेरा नक्सली संगठन में भर्ती के लिए के लिए भी लोगों को उकसा रहे थे।
नागपुर की रैली में बसपा सुप्रीमो ने कहा कि देशव्यापी धर्म-परिवर्तन तभी संभव हो सकता है जब 'बाबा साहब के अनुयायी' उनके बताए रास्तों पर चलें। बता दें कि नागपुर की ही दीक्षा भूमि में भीमराव आंबेडकर ने बौद्ध धर्म अपना लिया था।
अमित शाह ने विपक्ष के इन आरोपों को लेकर इनकार किया कि केंद्र सरकार चुनाव के समय गड़े मुर्दे उखाड़ रही है। उन्होंने पूछा कि पी चिदंबरम मामले के समय कौन सा चुनाव था? साथ ही उन्होंने पूछा कि जब अगस्ता-वेस्टलैंड हैलीकॉप्टर मामले में कार्रवाई की गई, तब कौन सा चुनाव था?
क्या किसी पार्टी का पूर्व अध्यक्ष और सर्वेसर्वा ऐसा कह सकता है कि उसकी पार्टी ने कुछ नहीं किया? राहुल गाँधी कह सकते हैं। उन्होंने महाराष्ट्र में चुनाव प्रचार के दौरान कहा कि जनता ने अब बहुत देख लिया है और पिछले 70 सालों में कुछ नहीं हुआ।
"हमें दुख इस बात का था कि बड़ों की आज्ञा के बिना हम कुछ भी नहीं कर सकते। हम उब गये। हमने आत्महत्या करने का फैसला कर किया। पर आत्महत्या कैसे करें? जहर कौन दे? हमने सुना कि धतूरे के बीज खाने से मृत्यु हो जाती है....."
पता लगाया जा रहा है कि पीएमसी बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर जॉय थॉमस उर्फ़ जुनैद ख़ान और उसकी दूसरी पत्नी की इन सम्पत्तियों में कितने प्रतिशत की हिस्सेदारी है। मियाँ-बीवी द्वारा संयुक्त रूप से स्वामित्व रखने के कारण पुलिस के लिए इन सम्पत्तियों को अटैच करना मुश्किल साबित हो रहा है।