बिल के मुताबिक, मुकदमे का फैसला होने तक बच्चा माँ के संरक्षण में ही रहेगा। आरोपित को उसका भी गुजारा देना होगा। तीन तलाक का अपराध सिर्फ तभी संज्ञेय होगा जब पीड़ित पत्नी या उसके परिवार (मायके या ससुराल) के सदस्य एफआईआर दर्ज कराएँ।
ग्रामीणों का कहना है कि दूसरे समुदाय के लोग उन्हें न तो पूजा करने देते हैं और न ही मंदिर का निर्माण करने दे रहे हैं। विरोध करने पर समुदाय के लोग लाठी-डंडों और ईंट-पत्थरों से उन पर हमला कर देते हैं।
भीमा कोरेगाँव की जाँच के दौरान पुणे पुलिस को आरोपित रोना विल्सन और सुरेंद्र गण्डलिक के लैपटॉप से कुछ अहम दस्तावेज मिले हैं। गौतम नवलखा और कुछ नक्सल समूह साल 2011 से ही पाकिस्तानी आंतकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन से सपर्क में थे। इसके अलावा साल 2011 से 2014 के बीच मे गौतम कश्मीर के अलगाववादी नेता सैय्यद अली शाह गिलानी और शकील बख्शी के भी सम्पर्क में थे।
हर कुत्ते को भौंकने के लिए एक भागती हुई कार चाहिए। आरएसएस वही भागती हुई, चमचमाती कार है जिसे देख कर ये भौंकते हैं क्योंकि इनका एक भी संगठन इस तरह का नहीं बन पाया जो कि अपनी राष्ट्रवादी विचारधारा को सत्ता तक पहुँचा दे।
बार एवं रेस्तरां के सामने ही जब फिरोज खान पेशाब करने लगता है तो हितेश मूलचंदानी आपत्ति जताते हैं। इस बात से अनजान कि शायद यह उनके जीवन की आखिरी आपत्ति होगी। फिरोज के दोस्त मिलकर पहले तो हितेश का अपहरण करते हैं और बाद में उनकी जली हुई लाश मिलती है।
उग्र ग्रामीणों ने पुलिस पर आरोपित शाबिर के साथ मिलीभगत का आरोप लगाते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। कुछ आक्रोशित लोगों ने गाँव की मस्जिद में नमाज रुकवा दिया, कुछ ने आरोपित शाबिर के घर पर हमला भी बोला।
पिछले साल जॉनसन का उनकी गर्लफ्रेंड कोरी साइमंड्स के साथ प्रेम संबंध सार्वजनिक हो गया था। जिसके बाद उनकी भारतीय मूल की पत्नी मरीना व्हीलर ने तलाक की अर्जी दी थी।
"तुम बिहारी हो?" हाँ में जवाब देते ही वह गाली देने लगा। आरोपित ने रवि राज से कहा- "यह दिल्ली है, सलीके से रहा करो।" इसके बाद विजय ने रवि राज को फिर दाे थप्पड़ मारे, कान पकड़ उठक-बैठक लगवाने के बाद यह हिदायत भी दी कि आगे कभी भी मिलो तो नाक रगड़कर प्रणाम करना।
"मुस्लिम सारी दुनिया में अपना साम्राज्य स्थापित करना चाहते हैं, फलस्वरुप उन्होंने आतंकवाद फैला रखा है, जिसे ‘जेहाद’ का नाम देते हैं, परंतु इस प्रकार आतंक फैलाकर वो अपना वर्चस्व कायम नहीं रख सकते हैं।"
2004-05 में ब्रदर सिरिल लकड़ा ने ₹2.6 लाख में 4.23 एकड़ ज़मीन खरीदते हैं। ख़रीदी तो व्यक्तिगत तौर पर लेकिन मिशनरी संस्था में फ़ादर, ब्रदर, सिस्टर को ज़मीन रखने का अधिकार नहीं। इसलिए बेचते समय मिशनरी संस्था सामने आ जाती है और ₹4.76 करोड़ में डील फाइनल कर ली जाती है।