"हम दिन-रात इसलिए मेहनत नहीं कर रहे कि ऐसी हरकत की जाए। किसी का बेटा होने का ये मतलब नहीं कि मनमानी की छूट होगी। जेल से छूटने के बाद स्वागत में जो लोग गए थे, उनको बाहर किया जाए, पूरी यूनिट भंग की जाए।"
जूता फैक्ट्री चलाने वाले ज़ाहिद ने आरोप लगाया कि उसके समाज के लोगों ने जबरन उसकी फैक्ट्री बंद कराने की कोशिश की और धमकियाँ दीं। इरफ़ान सलीम, शिराज कुरैशी, महमूद ख़ान, राहत अली, नदीम नूर, जुहैर ख़ान, हाजी बिलाल और तालिब शहजाद सहित कई लोगों पर मुक़दमे दर्ज किए गए।
ISIS के झंडे लहराए गए। तबरेज अली के बैनर-पोस्टर के साथ उसे शहीद का दर्जा देने की माँग की गई। इंस्पेक्टर, सीओ और सिटी एसपी से धक्कामुक्की की गई। राहगीरों को परेशान किया गया। पाँच थानों में 70 नामजद सहित हज़ारों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया गया है।
रील वाली जायरा ने रियल में न जाने कितनी 'जायरा' को प्रभावित किया होगा, पर अफसोस! जायरा अपने फैसले से कितना आगे गईं, कितना पीछे, पता नहीं, लेकिन जिन्होंने जायरा के संघर्ष में खुद का भविष्य सोचा होगा, वो लड़कियाँ मानसिक तौर पर बहुत पीछे चली गई होंगी, यह पक्का है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, पहले साज़िश के तहत यह अफवाह फैलाई गई कि एक मुस्लिम व्यक्ति की भीड़ द्वारा हत्या कर दी गई है और उससे जबरदस्ती 'जय श्री राम' बुलवाया गया है। इस अफवाह के बाद मुस्लिम मॉब मंदिर में घुस आई और मूर्तियों को तोड़-फोड़ दिया।
एक ऐसा राजर्षि, जिसने गाँव-गाँव में कॉन्ग्रेस को मजबूत करने में अपनी ज़िदगी खपा दी और लोकतान्त्रिक तरीके से जीत कर कॉन्ग्रेस अध्यक्ष बने। लेकिन, नेहरू के 'असहयोग' के कारण भारत रत्न टंडन को राजनीतिक वनवास पर जाना पड़ा। पटेल और बोस के बाद ऐसा त्याग करने वाले तीसरे नेता की कहानी।
इस्लाम के समर्थकों और ईसाईयों को आत्म-विवेचन की जरूरत है- 'इनटॉलेरेंस' के लिए जिम्मेदार 'भगवाकरण' है, या हिन्दुओं को आक्रामकता अख्तियार करने के लिए मजबूर करने वाले उनके आचरण।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में प्रेमचंद्र की कहानी 'ईदगाह', 'पूस की रात' और 'नशा' का ज़िक्र किया। तो आखिर ये तीन कहानियाँ हैं किस संदर्भ में? आइए जानते हैं एक-एक कर।
प्यारे खान की कहानी से प्रभावित होकर IIM-अहमदाबाद ने उन्हें बुला तो जरूर लिया लेकिन लैपटॉप, अंग्रेजी और पावरपॉइंट प्रेज़ेंटेशनों की बात तो दूर, खान को IIM क्या होता है, यह भी पता नहीं था। तो उन्होंने स्टेज पर जाकर अपनी कम्पनी की कहानी सुना दी, वह भी हिंदी में - और प्रथम पुरस्कार जीत लिया।
"अगर कोई मुस्लिम महिला हिंदू से शादी करती है और बिंदी, बिछिया, मंगलसूत्र पहनती है, तो मुस्लिम मौलवी उसे हराम कहते हैं। लेकिन कई मुस्लिम पुरुष हमारी हिंदू बेटियों को लव जिहाद के नाम पर फँसाते हैं और उनसे बुर्का पहनने को कहते हैं, तो यह हराम नहीं है। यह उनके लिए उचित है।”