शाहिद खान आयर बाकी आतंकियों ने एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया जिसमें हिन्दू देवी-देवताओं का अपमान किया जाता था। इसमें ISIS से जुड़े ऑडियो-वीडियो डाले जाते थे।
बीपीएससी आंदोलन के जरिए प्रशांत किशोर ने अपनी राजनीतिक उपस्थिति दर्ज कराने की कोशिश की है, लेकिन बिहार की राजनीति का जातिगत और जमीनी स्वरूप उनके आड़े आ सकता है।
कुंभ 1954 के दूसरे शाही स्नान (मौनी अमावस्या) में खुद नेहरू के शामिल होने के फैसले ने प्रयाग में लाशों के ढेर लगा दिए। भगदड़ में करीब 1000 लोगों की जान गई।