यूपी के जालौन में लड़की की हत्या। हत्यारे भी उसी जाति के हैं। पुलिस एनकाउंटर में एक हत्यारे को गोली भी लगी। वो अस्पताल में भर्ती है। इसके बावजूद 'यूपी में दलित सुरक्षित नहीं' लिख-लिख कर जातिवादी प्रोपेगंडा फैलाया जा रहा है।
बिहार में ज़हरीली शराब से गरीब मर रहे हैं। उनमें जागरूकता का अभाव है। उनके परिवारों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार क्यों? आम जनता पर क्यों थोपा जा रहा दोष?
"जो कोई भी पीएम मोदी को जानता है उसे यह पता होगा कि वह एक तकनीकी व्यक्ति हैं और टेक्नोलॉजी को लेकर विस्तार पूर्वक बातचीत करते है। AI की कर रहे थे बात।"