Homeराजनीति'NCP के साथ हूँ और रहूँगा': अजित पवार ने BJP में जाने के अटकलों...

‘NCP के साथ हूँ और रहूँगा’: अजित पवार ने BJP में जाने के अटकलों पर लगाया विराम, बोले- किसी भी विधायक का हस्ताक्षर नहीं लिया है

साथ ही अजित पवार ने कहा कि अब सभी अफवाहों को रुक जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनके और उनके साथियों के खिलाफ झूठे रिपोर्ट्स शेयर किए जा रहे हैं।

NCP नेता और पार्टी के मुखिया शरद पवार के भतीजे अजित पवार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा के साथ जाने की अटकलों को नकार दिया है। उन्होंने कहा कि उनके बारे में जो भी प्रचारित किया जा रहा है, उसमें कोई सच्चाई नहीं है। अजित पवार फ़िलहाल महाराष्ट्र विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष हैं। उन्होंने कहा कि वो NCP के साथ हैं और आगे भी रहेंगे। पूर्व उप-मुख्यमंत्री ने ये भी बताया कि उन्होंने किसी भी विधायक के हस्ताक्षर नहीं लिए हैं।

साथ ही अजित पवार ने कहा कि अब सभी अफवाहों को रुक जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनके और उनके साथियों के खिलाफ झूठे रिपोर्ट्स शेयर किए जा रहे हैं। उनके चाचा शरद पवार ने भी इन अटकलों को विराम लगाते हुए कहा कि किसी ने भी विधायकों की बैठक नहीं बुलाई है और अजित पवार पार्टी की गतिविधियों में व्यस्त थे। उधर अजित पवार ने ये भी कहा कि वो वही करेंगे, जो उनकी पार्टी कहेगी। चर्चा है कि शरद पवार द्वारा दी जाने वाली इफ्तार पार्टी में भी वो शामिल हो सकते हैं।

उधर ये भी सामने आया है कि महाराष्ट्र विधानसभा के अध्यक्ष अपना जापान दौरा बीच में ही छोड़ कर मुंबई लौट रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा था कि स्पीकर राहुल नार्वेकर जापान से लौट आएँगे। NCP नेता अनिल पटल ने भी अजित पवार के साथ मुलाकात के बाद कहा है कि ‘दादा’ पार्टी के साथ हैं और किसी के साथ उनकी कोई बातचीत नहीं हुई है। उधर महाराष्ट्र के मंत्री उदय सामंता ने कहा कि उनकी पार्टी अजित पवार का स्वागत करने को तैयार है, अगर वो एनसीपी छोड़ते हैं तो।

उद्धव ठाकरे वाली शिवसेना के नेता संजय राउत ने भी अजित पवार के भाजपा के साथ जाने की अटकलों को नकारा है। हालाँकि, उन्होंने कहा कि अगर कुछ विधायक भाजपा से हाथ मिलाते भी हैं तो MVA की तीनों पार्टियाँ साथ रहेंगी। हालाँकि, मीडिया में NCP के नेताओं के हवाले से चलाया जा रहा था कि कुछ भी हो सकता है, क्योंकि राजनीति में कोई स्थायी दोस्त या दुश्मन नहीं होता। कुछ विधायकों का कहना है कि शरद पवार ही अंतिम निर्णय लेंगे।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

अखिलेश सरकार में हुए 62+ हत्याओं को याद करा रहा ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ पोस्टर: मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर...

मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर उत्तर प्रदेश के कई शहरों में ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ लिखे पोस्टर लगा गए हैं। इन पोस्टर्स ने 2013 की उस भयावह हिंसा की याद फिर ताजा कर दी है।

हैशटैग लगाओ, दुनिया बदलो… कितना आसान है न? क्या सोशल मीडिया लोकतंत्र को बर्बाद कर रहा है?

लोकतंत्र इंसान की कमियों को स्वीकार कर समझौतों से चलता है। लेकिन सोशल मीडिया का अनियंत्रित दौर हर छोटी कमी को भ्रष्टाचार बताकर लोकतंत्र की बुनियाद पर चोट कर रहा है। कैसे आज का सोशल मीडिया और डिजिटल यूटोपियनवाद हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुका है।
- विज्ञापन -