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उत्तराखंड में गंगा किनारे भी लैंड जिहाद, बोले CM धामी- 1000 मजार की हुई पहचान, हटाने का अभियान शुरू

सीएम धामी ने कहा, "...हमने तय किया है कि उत्तराखंड के अंदर जो लैंड जिहाद के नाम पर, जो मजार जिहाद के नाम पर उसको हम किसी भी कीमत पर नहीं होने देंगे। हमने उन अतिक्रमण को हटाने का अभियान प्रारंभ कर दिया है।"

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश को लैंड जिहाद से पूरी तरह से मुक्त करने का संकल्प लिया है। उन्होंने देवभूमि पर मजार जिहाद को सफल न होने देने का ऐलान किया है। 1 हजार स्थान चिन्हित करने की जानकारी देते हुए सीएम धामी ने माना कि गंगा नदी के आस-पास भी तमाम स्थानों पर अतिक्रमण किया गया था। ऑपइंडिया ने अपनी पिछली कई रिपोर्ट्स में धर्मनगरी, पर्यटन स्थलों और वन क्षेत्रों में हुए अतिक्रमण को सिलसिलेवार ढंग से बताया था।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी 16 अप्रैल 2023 (रविवार) को ऋषिकेश के दौरे पर थे। इस दौरान उन्होंने परमार्थ निकेतन में गंगा आरती में भी हिस्सा लिया। इस आयोजन के बाद धामी ने वहाँ मौजूद लोगों को सम्बोधित किया। उन्होंने कहा, “आस-पास और गंगा जी के तटों पर जो अनेक प्रकार का अतिक्रमण हुआ है हमने तय किया है कि उत्तराखंड के अंदर जो लैंड जिहाद के नाम पर, जो मजार जिहाद के नाम पर उसको हम किसी भी कीमत पर नहीं होने देंगे। हमने उन अतिक्रमण को हटाने का अभियान प्रारंभ कर दिया है।”

जानकारी के मुताबिक CM पुष्कर सिंह धामी ने खुद से चिन्हित किए गए ऐसे अतिक्रमण की तादाद 1 हजार बताई है। CM धामी के इस बयान का ऋषिकेश में मौजूद संतों और श्रद्धालुओं ने तालियाँ बजा कर स्वागत भी किया है। उनके बयान का 37 सेकेण्ड का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल ही हो गया है।

गौरतलब है कि ऑपइंडिया उत्तराखंड में हो रहे डेमोग्राफिक बदलाव, लैंड जिहाद, अवैध मजार और मदरसों को लेकर साल 2021 से समय-समय पर रिपोर्ट करता रहा है। इन रिपोर्ट्स में जिम कार्बेट में बनी मजारों का खुलासा और हल्द्वानी में अवैध तौर पर कब्जाई रेलवे की भूमि का भी असल सच बताना शामिल है। सीएम धामी ने 22 मई 2022 को एक बयान में पहाड़ों पर बनती अवैध मजारों पर चिंता जताई थी। इसके बाद धामी सरकार ने दिसंबर 2022 और मार्च 2023 में कार्रवाई करते हुए 41 अवैध मजारों को ध्वस्त कर दिया था। अब सरकार ने 1000 अवैध अवैध मजारों की एक बार फिर लिस्ट बनाकर बुलडोजर चलाने की कार्रवाई शुरू करने जा रही है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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