गाजियाबाद में पाकिस्तानी ISI के मुस्लिम आकाओं के हुकुम पर हिंदू पहचान में तिलक लगाकर जासूसी करते पकड़े गए। लेकिन वामपंथी सिर्फ हिंदुओं को बदनाम करने में लगे हैं।
लालकृष्ण आडवाणी ने ये रथयात्रा सिर्फ राम मंदिर के लिए नहीं निकाली थी, बल्कि इसका उद्देश्य था देश की सांस्कृतिक पहचान को पुनः पुष्ट करना। उनका सीधा कहना था - राम के मुकाबले बाबर को खड़ा करने का प्रयास गलत है।