वाराणसी में हॉकी खिलाड़ी मोहम्मद शाहिद के मकान पर बुलडोजर चलने पर इसे लिबरल-वामपंथी गैंग ने अधूरी जानकारी के साथ 'मुस्लिम पीड़ित' नैरेटिव से जोड़कर प्रचारित किया।
फिल्म के टीजर से लगता है कि निर्माता एक ब्राह्मण लड़की को दिखाना चाहते हैं जो समाज और परिवार से विद्रोह करती है और शराब तथा सेक्स को इसका जरिया बनाती है।