फिल्म के टीजर से लगता है कि निर्माता एक ब्राह्मण लड़की को दिखाना चाहते हैं जो समाज और परिवार से विद्रोह करती है और शराब तथा सेक्स को इसका जरिया बनाती है।
इस्लामवादियों के अलावा शहजाद पूनावाला के पोस्ट पर सेकुलर गैंग भी उन्हें ज्ञान देने में लगी है। उन्हें अपशब्द लिखकर कहा जा रहा है कि जो अपने मजहब के नहीं हुए तो हिंदू धर्म के क्या होंगे।