जिस फैक्ट्री में तलाकशुदा हिन्दू पीड़िता नौकरी करती थी उसी में अकील ठेकेदार था। उसने अपना नाम बउआ बताया और पीड़िता से जान-पहचान बढ़ा ली और फिर होटल में ले जाकर रेप किया।
फराज ने संपत्ति पर कब्जा करने के उद्देश्य से उनकी बेटी को प्रेमजाल में फँसाया। उसने खुद को अविवाहित बताते हुए शादी का झाँसा दिया और बेटी का आर्थिक, मानसिक और शारीरिक शोषण किया।