आरोपितों के घरों को ध्वस्त करने के लिए भोपाल नगर निगम के कर्मचारी पहुँचे। पीड़ित के गले में कुत्ते का पट्टा बाँध कर कहवाया था - 'साहिल और फैजान मेरे बाप हैं।'
"ढोंग और आस्था में यही फर्क है। प्रियंका गाँधी को इतना नहीं पता कि आरती पहले भगवान को दी जाती है, फिर इंसान लेते हैं। इसलिए इन्हें चुनावी हिंदू कहा जाता है।"