Sunday, July 21, 2024
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कूनो नेशनल पार्क में 7वें चीते की मौत: मॉनिटरिंग टीम को घायल मिला था ‘तेजस’, गर्दन में मिले घाव की होगी जाँच

उसकी गर्दन के ऊपरी हिस्से पर चोट के निशान मिले। मॉनिटरिंग टीम ने पालपुर मुख्यालय में मौजूद वन्यजीव पशु चिकित्सकों को तुरंत सूचित किया।

दक्षिण अफ्रीका से मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क लाए गए एक और चीते की मौत हो गई। चीता तेजस, मॉनिटरिंग टीम को घायल अवस्था में मिला था। इलाज के बाद भी कुछ घण्टों तक बेहोश रहने के बाद उसने दम तोड़ दिया। तेजस की गर्दन  पर मिले घाव देखकर कहा जा रहा है कि चीतों के बीच हुए आपसी संघर्ष के दौरान वह घायल हुआ था। हालाँकि, जाँच और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से मौत के कारणों की पुष्टि होगी। 4 महीनों के भीतर 7 चीतों की मौत हो चुकी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, चीता तेजस की मौत को लेकर आधिकारिक बयान में कहा गया है, “11 जुलाई 2023 की सुबह करीब 11 बजे मॉनिटरिंग टीम को तेजस नामक नर चीता मिला था। उसकी गर्दन के ऊपरी हिस्से पर चोट के निशान मिले। मॉनिटरिंग टीम ने पालपुर मुख्यालय में मौजूद वन्यजीव पशु चिकित्सकों को तुरंत सूचित किया। वन्यजीव पशु चिकित्सक मौके पर पहुँचे और तेजस चीता की जाँच की। शुरुआती जाँच में उसके शरीर पर गंभीर चोटें मिलीं।”

बयान में यह भी कहा गया है, “तेजस का इलाज करने से पहले अनुमति की गई थी। पशु चिकित्सकों की एक टीम को प्राथमिक उपचार देने के बाद तेजस का इलाज करने के लिए आवश्यक तैयारियों के मौके पर भेजा गया था। दुर्भाग्य से, करीब 2 बजे तेजस की मौत हो गई। तेजस को लगी चोटों के कारणों की जाँच की जा रही है। पोस्टमार्टम से मौत का कारण पता चलेगा।”

प्रोजेक्ट चीता के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 70 साल बाद देश में चीतों की वापसी का प्रयास किया था। इसके तहत उन्होंने अपने जन्मदिन 17 सितंबर 2022 को नामीबिया से लाए 8 चीतों को कूनो नेशनल पार्क में छोड़ा था। इसके बाद इसी साल 18 फरवरी को दक्षिण अफ्रीका से लाए गए 12 और चीतों को कूनो में छोड़ा गया था। यानि कुल मिलाकर 20 चीते कूनो में छोड़े गए थे। 

साशा की मौत से शुरू हुआ सिलसिला

इसी साल 27 मार्च 2023 को नामीबिया से लाई गई 4 साल की मादा चीता साशा की किडनी इंफेक्शन के चलते मौत हो थी। भारत आने से पहले ही उसके किडनी में इंफेक्शन पाया गया था। इसके बाद 23 अप्रैल 2023 को दक्षिण अफ्रीका से लाए गए नर चीते उदय की मौत हो गई थी। उसकी मौत कार्डियक आर्टरी फेल होने के चलते हुई थी। दक्षिण अफ्रीका से कूनो लाई गई मादा चीता दक्षा की 9 मई 2023 को मौत हो गई थी। दक्षा को मेटिंग के लिए नर चीतों के बाड़े के पास छोड़ा गया था। मेटिंग के दौरान नर चीता हिंसक हो गया। बुरी तरह घायल होने के चलते उसकी मौत हो गई थी।

इसके बाद 23 मई को मादा चीता ज्वाला के एक नवजात शावक की मौत हो गई थी। इसके ठीक 2 दिन बाद यानी 25 मई को 2 और शावकों ने दम तोड़ दिया था। अब नर चीते तेजस की भी मौत हो गई है। इस तरह बीते 4 महीनों में कूनो नेशनल पार्क में 3 शावकों को मिलाकर 7 चीतों की मौत हो चुकी है। अब कूनो में एक शावक समेत कुल 17 चीते शेष हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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