आरजे फहाद ने आरोप लगाया कि पहले अगर मुस्लिमों की लिंचिंग पर निंदा होती, तो 16 अप्रैल की रात हो सकता है पालघर में साधुओं की भीड़ द्वारा लिंचिंग नहीं की जाती।
भगवान गणेश और हनुमान के लिए आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग करने वाले ये मिशनरी लोगों के दिलों में हिन्दू देवी-देवताओं के प्रति घृणा भर रहे हैं, जो किसी न किसी रूप में अक्सर सामने आता ही रहता है।
पत्रकारों की एक एसोसिएशन के पदाधिकारी से मिली जानकारी के अनुसार पिछले सप्ताह यहाँ आयोजित एक विशेष शिविर में 171 मीडियाकर्मियों का परीक्षण किया गया था। जिसमें कम से कम 53 पत्रकार कोरोना संक्रमित पाए गए।
ये वही पुलिस है, जिसने साधुओं की कोई मदद नहीं की। वृद्ध साधु जब पुलिसकर्मी के हाथ पकड़ता, तो उसका हाथ झटक दिया गया था। लगातार दो दिन अलग-अलग तरह की हिंसक वारदात हुई लेकिन पुलिस कुछ नहीं कर पाई।
सीएम उद्धव ने दुःख जताते हुए इस घटना में दोषियों को न बख्शने की बात कही। उधर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की माँग की।