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पालघर में संतों को किसने मारा: अजीत भारती का सवाल | Ajeet Bharti on Palghar Sadhus Mob Lynching

एक धर्म को लेकर लोगों की घृणा इतनी कि 3 निर्दोषों की बेरहमी से हत्या कर दी जाती है। जहाँ ये घटना हुई, वहाँ की जनसंख्या पिछली जनगणना के अनुसार 1208 है, जिसमें से 1198 अनुसूचित जाति/जनजाति के लोग थे। ये ईसाई मिशनरियों का इलाका है।

महाराष्ट्र के पालघर में 2 साधुओं समेत 3 लोगों की भीड़ द्वारा निर्मम हत्या कर दी जाती है। लगभग 200 लोगों की भीड़ से घिरा साधु पुलिस के पास मदद के लिए जाता है, लेकिन पुलिस उसका हाथ छिड़क देती है और खुद उस भीड़ से बचती नजर आती है। 2-3 दिन तक इसे लूट-पाट और बच्चा चोर की घटना कहकर बरगलाया गया। फिर सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद सच्चाई सामने आई।

एक धर्म को लेकर लोगों की घृणा भीड़ को किस उतावलेपन तक भेज देती है कि वो ऐसा करने पर मजबूर हो जाती है, जहाँ 3 निर्दोषों की बेरहमी से हत्या कर दी जाती है। ये भी कहा जा रहा है कि पुलिस ने डर की वजह से उन्हें आदिवासियों के हवाले कर दिया। जहाँ पर ये घटना हुई, वहाँ की जनसंख्या पिछली जनगणना के अनुसार 1208 है, जिसमें से 1198 अनुसूचित जाति/जनजाति के लोग थे। ये ईसाई मिशनरियों का इलाका है।

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अजीत भारती
अजीत भारती
पूर्व सम्पादक (फ़रवरी 2021 तक), ऑपइंडिया हिन्दी

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