क्षेत्र विशेष तक सीमित शिव सेना को एहसास है कि हालिया उभार मोदी की लोकप्रियता की बदौलत है। भाजपा से अलग होने का नतीजा भी वह 2014 के विधानसभा और 2017 के बीएमसी चुनाव में भुगत चुकी है। देर-सबेर उसका लौटना तय है। तब तक उसके राजनीतिक फुफकार के मजे लीजिए!
महाराष्ट्र की 288 सीटों पर भाजपा इस समय 192 सीटों से आगे होकर पूरे चुनाव को एकतरफा करती दिखाई दे रही है। इसी तरह हरियाणा की 90 सीटों पर भाजपा 43 सीटों के साथ बढ़त बनाए हुए है, जबकि कॉन्ग्रेस कांटे की टक्कर देते हुए 36 सीटों पर आगे है।
कमलेश की हत्या के बाद हत्यारों ने सूरत में अपने साथियों को फोन कर जानकारी दी। फिर इस खबर से आसिम को अवगत कराया गया। आसिम ने हत्यारों की जमानत कराने का ठेका लिया था।
“हम मानते हैं कि जनता ने हमें सरकार बनाने का आदेश नहीं दिया है। कॉन्ग्रेस के साथ गठबंधन करना हमारी मजबूरी थी। अकेले चुनाव लड़ना संभव नहीं था। इस चुनाव में पीएम मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, सीएम फडणवीस और उद्धव ठाकरे ने काफी मेहनत की है।”
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भाजपा-शिवसेना साथ साथ गठबंधन बना कर लड़ रहे हैं। दोनों दलों ने इसे हिंदुत्व से जुड़ा गठबंधन 'महायुति' करारा दिया था। शिवसेना को इस गठबंधन में 124 सीटें दी गई थीं, वहीं 14 सीटें अन्य छोटी पार्टियों को दी गई थीं।
17 राज्यों की 51 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए भी वोट डाले जा रहे हैं। इनमें से करीब 30 सीटें भाजपा और उसके सहयोगी दलों के पास थीं। 2 लोकसभा सीटों पर भी उपचुनाव हो रहा है।
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए 21 अक्टूबर को वोट डाले जाएँगे और नतीजे 24 अक्टूबर को आएँगे। परली सीट पर राज्य की मंत्री पंकजा का मुकाबला अपने चचेरे भाई और एनसीपी नेता धनंजय से है।