इन टीमों के कार्यक्षेत्र में हॉटस्पॉट्स, हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर, आपदा प्रबंधन, राज्यों की सहायता, लॉकडाउन के नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करना, आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति......
“हमें ब्लड प्रेशर की दवा नहीं मिल रही है। इस क्षेत्र में पुलिस बहुत सख्त है। सैनिटाइजर उपलब्ध नहीं है। मेरे पिता बुजुर्ग हैं और कई बीमारियों से पीड़ित हैं। मुझे इस बात का भी भरोसा नहीं है कि मुझे मेरा अगला वेतन मिलेगा या नहीं।”
कैंसर स्पेशलिस्ट डॉक्टर इंद्रनील ख़ान को रातोंरात पुलिस उठा कर ले गई और उन्हें हिरासत में रख लिया। कहा जा रहा है कि सरकार की खामियों को उजागर करने की उन्हें सज़ा दी गई है। चीन में जिन भी डॉक्टरों या प्रबुद्ध जनों ने कोरोना वायरस को लेकर आवाज़ उठाई थी, उन्हें कार्रवाई का सामना करना पड़ा था।
अख्तर हुसैन पश्चिम बंगाल के आसनसोल में पार्षद हैं। उन्होंने केंद्र सरकार के लॉकडाउन के आदेश की खिल्ली उड़ाते हुए लोगों से अपील की है, “अगर मोदी ताली बजाकर कोरोना को रोक सकते हैं तो क्यों न हमें इसे हराने के लिए प्रार्थना (अजान) में जुटना चाहिए।”
5 बच्चों के पिता नास्कर का कहना है कि खुद की पार्टी TMC के भीतर ही उनके कई दुश्मन हैं। अगर उनकी हत्या होती है तो प्रतिमाएँ लोगों को उनकी याद दिलाती रहेगी।
सीएम ममता ने दावा किया कि वो अपने राज्य को दूसरी दिल्ली नहीं बनने देंगी। उन्होंने कहा कि जो भी बांग्लादेश से पश्चिम बंगाल में आए हैं, उन्हें फिर से नागरिकता हेतु आवेदन करने की आवश्यकता नहीं है, वो आटोमेटिक रूप से भारतीय नागरिक हैं।