सामिया लतीफ ने लिखा कि विधायक इमरान पीएम मोदी या अमित शाह से क्यों नहीं मिले। लतीफ़ का इशारा था कि पीएम मोदी और एचएम शाह को भी कोरोना वायरस का संक्रमण हो जाए। वो चाहती हैं कि कोई कोरोना पॉजिटिव मरीज मोदी-शाह से मिले।
इतना ज़हर अगर किसी हिन्दू के भीतर आ जाए, और ऐसा शातिरपन भी कि एक रैंडम सी बात को पूरे भारत में लागू होने वाले उदाहरण की तरह बता कर, चार मुस्लिमों और ताजमहल का नाम गिनवा कर, विक्टिम कार्ड स्वाइप करने लगे, तो कैसा दिखेगा?
मैग्जीन ने दावा किया था कि ICMR टास्क फोर्स को मोदी सरकार ने किनारे कर दिया है। टास्क फोर्स के अध्यक्ष विनोद पॉल ने ऑपइंडिया को बताया कि मीडिया की ऐसी हरकतों से, महामारी के इस दौर में, एक राष्ट्रीय स्तर की लड़ाई में हानि ही होती है।
विनोद कापड़ी ने जहाँ पॉलीथीन पहने एक डॉक्टर की फोटो शेयर की और दावा किया कि कोरोना से लड़ने के लिए डॉक्टरों को सिर में ये पहनना पड़ा रहा है। वहीं आगरा के डीएम ने दावा किया कि जिस डॉक्टर को देखकर वो चिंता कर रहे हैं, वो वास्तविकता में बालरोग डॉक्टर हैं। जो आइसोलेशन वार्ड में नहीं जाते।
उत्तर प्रदेश के भदोही में 5 बच्चों की मौत की खबर को गलत तरीके से पेश करने के आरोप में हंसराज मीणा, जनवाणी के पत्रकार सलीम अख्तर सिद्दीकी, IANS के संपादक व रिपोर्टर और 'बिजनेस इनसाइडर' के संपादक व रिपोर्टर के विरुद्ध भदोही पुलिस स्टेशन नें धारा 188, 505(1)(b) IPC, धारा 51,54 DM ACT के अंतर्गत एफआईआर पंजीकृत कराया गया है।
“स्वास्थ्य अधिकारियों पर थूकना, सड़कों पर बस से बाहर थूकना, महिला कर्मचारियों के सामने अर्ध नग्न हो, भद्दी टिप्पणी करना, अस्पतालों में अनुचित माँग करना, केवल पुरुष कर्मचारियों को उनके लिए उपस्थित होने के लिए हंगामा करना और आप कितनी आसानी से कह रही हो कि इनके इरादे खराब नहीं हैं। हद है।”
आदत से मजबूर सबा नकवी ने एक पुराना विडियो ट्वीट किया और दावा किया कि हिंदू भी बड़े पैमाने पर लॉकडाउन का उल्लंघन कर रहे हैं। विडियो में अयोध्या के मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ दिखाई पड़ रही थी।
कई लोग मीडिया पर आरोप लगा रहे थे कि जब किसी हिन्दू धार्मिक स्थल में श्रद्धालु होते हैं तो उन्हें 'फँसा हुआ' बताया जाता है जबकि मस्जिद के मामले में 'छिपा हुआ' कहा जाता है। इसके बाद फेक न्यूज़ का दौर शुरू हुआ, जिसे अली सोहराब जैसों ने हज़ारों तक फैलाया।
"मैसेज के माध्यम से खाना पकाने की गैस का ऑर्डर स्वीकार नहीं हो रहा है। क्या सिलेंडरों की आपूर्ति प्रभावित हुई है या एजेंसियाँ ठीक से काम नहीं कर रहीं।"