“मैं इर्तिका जावेद, पुत्री जावेद इकबाल शाह, निवासी फेयरव्यू हाउस गुपकर रोड, श्रीनगर, कश्मीर-190001, अपने पासपोर्ट में अपनी माँ का नाम महबूबा मुफ्ती से बदलकर महबूबा सैयद कराना चाहती हूँ।”
महबूबा मुफ़्ती की बेटी इल्तिजा मुफ़्ती ने आरोप लगाया है कि उनकी अम्मी को भड़काऊ बयानों के कारण गिरफ्तार नहीं किया गया है, उन्हें सिर्फ़ इसीलिए गिरफ़्तार किया गया है क्योंकि उन्होंने जम्मू कश्मीर पर केंद्र सरकार के 'अवैध फ़ैसले' के ख़िलाफ़ 'आवाज़ उठाने का अपराध' किया था।
पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती को हिरासत में लिए जाने के बाद उनकी इच्छा से मांसाहारी भोजन मुहैया कराया जाता था। लेकिन, एक महीने से दोनों ने मांसाहारी खाना चखा तक नहीं है। अब साग, दाल, सब्जी ही उनकी खुराक है।
यूॅं तो नॉर्थ ब्लॉक ने कई गृह मंत्री देखे हैं। पटेल से लेकर शाह तक। पर ज्यादातर के नाम भी याद नहीं आते। कड़े फैसलों की वजह से पटेल याद किए जाते हैं। शाह भी उसी राह पर हैं। लेकिन, कुछ ऐसे भी हुए हैं जो आतंकी हमले के वक्त भी हर घंटे सूट बदल रहे थे।
महबूबा ने पूछा कि सिविल सर्विस की परीक्षा में शीर्ष स्थान पाने के बाद जिस शाह फैसल को राज्य का रोल मॉडल बताया गया था, आज उन्हें इस तरह अपमानित क्यों किया जा रहा है? उनके साथ दुर्वव्यवहार क्यों हो रहा है?
नजीर वही सांसद हैं जिन्होंने जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन विधेयक पेश किए जाने के दौरान पीडीपी के एक अन्य सांसद मीर मोहम्मद फैयाज के साथ विरोध स्वरुप विधेयक को फाड़ दिया था।