दक्षिणी कश्मीर में पिछले 48 घंटों में यह तीसरी घटना है, जिनमें आतंकियों ने दहशत फैलाने के मंशा से हमले किए। इन तीन घटनाओं में जम्मू-कश्मीर के बाहर के तीन लोग संदिग्ध आतंकवादियों द्वारा मारे गए। सोमवार (14 अक्टूबर) की रात शोपियां के शिरमाल के सुंधु गाँव में राजस्थान के एक ट्रक चालक शेरी ख़ान की उस समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
सभासद चौधरी धारा सिंह अपने घर से शुगर मिल ड्यूटी के लिए जा रहे थे। रास्त में चार हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग की। एक गोली उनके सिर में भी लगी। उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
मृतक शिक्षक संघ से जुड़े थे। मुर्शिदाबाद समुदाय विशेष के अपराध के लिए कुख्यात रहा है। साथ ही बंगाल में भाजपा और संघ से जुड़े लोगों को निशाना बनाने वाली राजनीतिक हिंसा की घटनाओं में भी हाल में काफी तेजी देखने को मिली है।
हत्याकांड को अंजाम देने के लिए अपराधियों ने पहले खरात पर गोली चलाई। गोलीबारी की आवाज सुनकर उनके भाई सुनील बाबू बाहर आए। हमलावरों ने उन पर भी गोली चलाई। वो जान बचाने के लिए घर में भागे। मगर हमलावरों ने उनका पीछा किया और चाकू से उनका गला काट दिया।
एसपी केजी साइमन ने बताया कि कूडाथई गाँव की जॉली जोसेफ ने परिवार के सभी 6 सदस्यों की हत्या करने का गुनाह कबूल कर लिया है। एसपी केजी साइमन ने कहा कि जॉली की गिरफ्तारी उसके 40 वर्षीय पति रॉय थॉमस की हत्या के मामले में हुई है, जिसमें पुलिस को 2011 में शव परीक्षण के दौरान हत्या के कुछ वैज्ञानिक साक्ष्य मिले थे।
आफरीन बचपन से ही शास्त्री पार्क निवासी ट्यूटर मोहम्मद नौशाद के पास ट्यूशन पढ़ने जाती थी। उसने परिजनों को बिना बताए ही नौशाद के कोचिंग सेंटर में पढ़ाना भी शुरू कर दिया था। जब उसकी लाश बरामद हुई, तब सड़ जाने के कारण उसकी स्थिति ऐसी थी कि परिजन भी पहचान नहीं कर सके।
राहत ने बुधवार रात में राहिल को लस्सी में नशे की गोली मिलाकर पिला दी और फिर राहिल के हाथ पैर बाँधकर सुबह तीन बजे धारदार हथियार से बहन राहिल का गला रेत डाला।
पुलिस को संदेह है कि उनके सिर पर किसी भारी चीज से वार किया गया, जिससे उनकी मौत हो गई। फ़िलहाल डेड बॉडी को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुँच कर सबूत जुटाए।