सोमवार की सुबह करीब साढ़े 4 बजे शंकर को एहसास हुआ कि रघुवीर अभी भी अपने फोन पर पबजी खेल रहा है। वे उसके कमरे में गए और फोन छीन लिया। इसके बाद रघुवीर अपने पिता पर झपटा और हसियां से हमला कर उनके टुकड़े कर दिए।
वीरेंदर उर्फ़ काले को मार गिराने की इस वारदात में 10 से अधिक अपराधी शामिल थे। हत्या करने के बाद सभी अपराधी भाग निकले। हमलावरों का सुराग पाने के लिए पुलिस सीसीटीवी कैमरों को खँगाल रही है।
घर-घर अखबार पहुँचा कर अपनी रोजी-रोटी चलाने वाले मन्नूलाल वैष्णव को यह नहीं पता था कि एक दिन इन्हीं अखबारों में उनकी हत्या की खबर छपेगी! हत्या वो भी उस रफीक खान (इंसान या हैवान!) के द्वारा जो इन्हीं के लाए अखबारों को पढ़ता जरूर था लेकिन पैसे देने के नाम पर नजरें चढ़ाता था।
इंडोनेशिया के कानून एवं मानवाधिकार मंत्रालय के तहत पंजीकृत एएसआईएएन यूनिवर्सिटी ने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए महादेव साहूकार भैरागौंड को मानद उपाधि से सम्मानित किया। भैरागौंड भैरवनाथ शिक्षा संस्थान के अध्यक्ष हैं।
सेक्स वर्कर से अयूब की मुलाक़ात जीबी रोड पर चार साल पहले हुई थी। अयूब ने महिला से सेक्स वर्कर का पेशा छोड़ निक़ाह करने को कहा। महिला यह बात जानती थी कि वो पहले से शादीशुदा है इसलिए उसने इनकार कर दिया।
जलील शेख पत्नी फातिमा को वेश्यावृत्ति के लिए मजबूर कर रहा था। मना करने पर जलील ने 5 अगस्त को उसकी हत्या कर दी। शव को कंबल में लपेट प्लास्टिक की थैली में रख 'बारात घर' के पास फेंक दिया। इसके बाद वह पश्चिम बंगाल भाग गया।
दिल्ली की राउज एवेन्यू अदालत में चल रही सुनवाई के दौरान सुनंदा के भाई आशीष दास ने भी अपना बयान दर्ज कराया। उन्होंने कहा, "वह (सुनंदा) शादीशुदा ज़िंदगी से खुश थीं। आख़िरी दिनों में बहुत परेशान रहने लगी थी। लेकिन वह कभी भी आत्महत्या के बारे में नहीं सोच सकती थी।"
देहरादून के एसएसपी अरुण मोहन जोशी ने बताया, "अब्दुल शकूर की हत्या की मुख्य वजह सैकड़ों करोड़ की क्रिप्टोकरंसी थी। सभी आरोपी शकूर की टीम के सदस्य थे। उन्होंने शकूर को मारने से पहले प्रेम नगर इलाके के एक घर में उसे यातनाएँ दी थीं।"
पुलिस ने मामले की जाँच के लिए दो टीमें गठित कर दीं हैं, लेकिन उनका कहना है कि अगर हत्या की जानकारी जल्दी मिल जाती तो हत्यारों को जल्दी गिरफ्तार करना आसान होता।