Saturday, July 13, 2024
Homeदेश-समाजअरशद ने दोस्त से लिए ₹50000, चुका न पाने पर उसे ईंट और ब्लेड...

अरशद ने दोस्त से लिए ₹50000, चुका न पाने पर उसे ईंट और ब्लेड से मार डाला; गिरफ्तार

साहिल के घर वालों ने पुलिस को बताया कि साहिल पिछली रात 11.45 के आसपास घर से निकला था और अब तक वापिस नहीं आया था। पुलिस को उसका स्कूटर भी पास ही में मिला। साहिल के पिता का कुछ वर्ष पहले ही देहांत हो चुका था।

₹50,000 के लेनदेन को लेकर हुई हत्या में 22 वर्षीय अरशद को पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया है। मृतक साहिल की लाश दिल्ली के शाहदरा में हिरण पार्क के भीतर पड़ी मिली थी। साहिल के हाथ-पाँव बंधे हुए थे।

गले और सिर पर घाव

साहिल की लाश रविवार (13 अक्टूबर) की सुबह एक राहगीर को दिखी, जिसने पुलिस को इत्तला दी और पुलिस मौके पर पहुँची। शिनाख्त हुई कलंदर-कॉलोनी निवासी साहिल के रूप में। टाइम्स ऑफ़ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस को लाश के सिर और गले पर गहरे घाव दिखे

साहिल के घर वालों ने पुलिस को बताया कि साहिल पिछली रात 11.45 के आसपास घर से निकला था और अब तक वापिस नहीं आया था। पुलिस को उसका स्कूटर भी पास ही में मिला। साहिल के पिता का कुछ वर्ष पहले ही देहांत हो चुका था। उसकी माँ ने पुलिस को बताया कि चूँकि साहिल की अकसर रात में स्कूटर पर घूमने निकलने की आदत थी, इसीलिए उन्हें उसके रात भर न लौटने पर अधिक चिंता नहीं हुई।

आरोपित नहीं लौटा पाया था पैसे, मृतक की माँ के साथ निकला था ‘खोज’ में

हालाँकि, मीडिया रिपोर्टों में इसका ज़िक्र नहीं है कि उस पर पुलिस को शक कैसे हुआ, लेकिन जब पुलिस ने अरशद को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की तो उसने सब कुछ उगल दिया। उसने बताया कि कैसे उसने 18-वर्षीय साहिल से ₹50,000 उधार लिए थे, जो वह चुका पाने में असमर्थ था क्योंकि उसकी परचून की दुकान में घाटा हो गया था। वह साहिल को रात में हिरण पार्क लेकर गया जहाँ उसने एक ईंट और धारदार ब्लेड से साहिल की हत्या कर दी। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त ब्लेड और साहिल का खून लगे आरोपित के कपड़े बरामद कर लिए हैं।

शाहदरा के डिप्टी कमिश्नर अमित शर्मा के अनुसार अरशद हत्या करने के बाद साहिल की माँ के साथ साहिल की ‘तलाश’ में भी निकला था। उस पर हत्या का मुकदमा पुलिस ने दर्ज कर लिया है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

NITI आयोग की रिपोर्ट में टॉप पर उत्तराखंड, यूपी ने भी लगाई बड़ी छलाँग: 9 साल में 24 करोड़ भारतीय गरीबी से बाहर निकले

NITI आयोग ने सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स (SDG) इंडेक्स 2023-24 जारी की है। देश में विकास का स्तर बताने वाली इस रिपोर्ट में उत्तराखंड टॉप पर है।

लैंड जिहाद की जिस ‘मासूमियत’ को देख आगे बढ़ जाते हैं हम, उससे रोज लड़ते हैं प्रीत सिंह सिरोही: दिल्ली को 2000+ मजार-मस्जिद जैसी...

प्रीत सिरोही का कहना है कि वह इन अवैध इमारतों को खाली करवाएँगे। इन खाली हुई जमीनों पर वह स्कूल और अस्पताल बनाने का प्रयास करेंगे।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -