अब्दुल इजेदी के 'करीबियों' ने उसे क्रिश्चियन कब्रिस्तान नहीं, बल्कि मुस्लिम कब्रिस्तान में दफनाया। यही नहीं, उसे दफनाने के लिए तथाकथित मुस्लिम धर्म के लोगों ने ऑनलाइंन फंडिंग अभियान भी चलाया।
हिना अली पर बदायूँ में साजिद-जावेद द्वारा दोनों हिंदू बच्चों आयुष और आहान की हत्या का ऐसा प्रभाव पड़ा, कि उन्होंने इस्लाम त्यागने का फैसला किया और सनातन परंपरा को अपनाते हुए अपने हिंदू प्रेमी महेश से विवाह कर लिया।