इकबाल मिर्ची की पत्नी हाजरा मेनन के साथ पूर्व केंद्रीय मंत्री और एनसीपी नेता प्रफुल्ल पटेल की एक संपत्ति को लेकर डील होने की बात सामने आई है। पटेल ने इसे स्वीकार करते हुए मिर्ची से संबंधों से इनकार किया है।
कदम एनसीपी के विधायक हैं। उन पर सरकार द्वारा संचालित अन्नाभाउ साठे विकास निगम का अध्यक्ष रहते हुए 150 करोड़ रुपए की गड़बड़ी करने का आरोप है। मौजूदा चुनाव में वे मोहोल से बतौर निर्दलीय लड़ रहे हैं।
प्रफुल्ल पटेल ने इक़बाल मिर्ची की पत्नी हाजरा के साथ हुए डील का बचाव करते हुए कहा कि पिछले डेढ़ दशक में ऐसा कुछ भी नहीं आया है, जिसके आधार पर यह कहा जा सके कि हाजरा मेनन के साथ डील नहीं किया जाना चाहिए।
एनसीपी नेता प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि अगर डील में कुछ भी संदिग्ध रहा होता तो उसी समय पकड़ में आ जाता, दरअसल 2004 में जो जमीन की डील हुई, वह भी हाई कोर्ट के आदेश के अनुरूप हुई। हजरा इकबाल मेमन और हमारे बीच जो डीड हुई, वह सारे वैध दस्तावेजों के साथ हुई।
अमित शाह ने विपक्ष के इन आरोपों को लेकर इनकार किया कि केंद्र सरकार चुनाव के समय गड़े मुर्दे उखाड़ रही है। उन्होंने पूछा कि पी चिदंबरम मामले के समय कौन सा चुनाव था? साथ ही उन्होंने पूछा कि जब अगस्ता-वेस्टलैंड हैलीकॉप्टर मामले में कार्रवाई की गई, तब कौन सा चुनाव था?
‘‘आपको इस बात का एहसास करने में लंबा वक्त लगा कि बाला साहब ठाकरे को गिरफ्तार करना एक भूल थी। अगर आपके आँसू सच्चे हैं तो आपको उनकी गिरफ्तारी पर माफी माँगनी चाहिए।’’
नमिता मुंदड़ा को एनसीपी ने बीड के कैज विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया था। लेकिन, उन्होंने लोकसभा सांसद प्रीतम मुंडे और राज्य मंत्री पंकजा मुंडे की उपस्थिति में भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए 21 अक्टूबर को वोट डाले जाएँगे और मतगणना 24 तारीख को होगी।
महाराष्ट्र के पूर्व उप-मुख़्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने अपने अंतःकरण की आवाज़ सुन कर इस्तीफा दिया है क्योंकि उनके चाचा शरद पवार का नाम इस घोटाले में घसीटा जा रहा है। 25,000 करोड़ रुपए के घोटाले में ईडी ने शरद और अजित के ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है।
बताया जाता है कि शरद पवार बेटी सुप्रिया सुले को अपने उत्तराधिकारी के तौर पर स्थापित करना चाहते हैं। सालों से पार्टी में निर्णायक भूमिका में रहे भतीजे अजित ने उन्हें बताए बिना विधायकी छोड़ दी है। एनसीपी नेताओं के अनुसार जिस तरीके से पार्टी चलाई जा रही है उससे अजित नाखुश हैं।