Tuesday, January 26, 2021
Home विविध विषय भारत की बात इस बाल दिवस छपरा के भगेरन तिवारी के बेटे और दरभंगा के अभिराम दास...

इस बाल दिवस छपरा के भगेरन तिवारी के बेटे और दरभंगा के अभिराम दास को याद कीजिए

लिबरलों, वामपंथियों और कॉन्ग्रेसियों के लिए ही नेहरू ने 4 जून 1949 को लिखा था, "मुझे यह कहना पड़ेगा कि कॉन्ग्रेस के लोग सुस्त हो गए हैं। तेजी से बदलती दुनिया में दिमाग के जड़ हो जाने और मुगालते में रहने से ज्यादा खतरनाक कोई चीज नहीं है।"

कार्टूनिस्ट आरके लक्ष्मण ने 1959 में कहा था, “जैसे-जैसे वक्त बीतता जा रहा है नेहरू की प्रतिष्ठा और प्रसिद्धि का आधार कमजोर होता जा रहा है।” 60 साल बाद यह आधार कितना खोखला हो चुका है यह दबी-छिपी बात नहीं। सो, बाल दिवस पर कॉन्ग्रेस के ‘चाचा नेहरू’ को याद करने से बेहतर है बिहार के छपरा के भगेरन तिवारी के बेटे और दरभंगा के अभिराम दास को याद कर लीजिए।

इन दोनों की कहानी में भी नेहरू आएँगे। लेकिन, भगेरन तिवारी के बटे और अभिराम दास आपको जिस छोर पर खड़े मिलेंगे, ठीक उसके विपरीत ध्रुव पर नेहरू दिखेंगे। इनको याद करने का एक कारण यह भी है कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण की हाल में ही नींव रखी गई है। करीब 500 साल बाद राम जन्मभूमि पर दीपोत्सव मनाया जा रहा है। यहाँ तक पहुॅंचने की लंबी संघर्ष यात्रा में भगेरन तिवारी के बेटे और अभिराम दास का बेहद महत्वपूर्ण योगदान है। योगदान तो नेहरू का भी है। रामलला की मूर्ति हटाने की नाकाम कोशिश का।

हेमंत शर्मा ‘युद्ध में अयोध्या’ में लिखते हैं कि भगेरन तिवारी के बेटे चंद्रशेखर तिवारी 1930 में जब अयोध्या आए तो वे आयुर्वेदाचार्य थे। दिगंबर अखाड़े की छावनी में परमहंस रामकिंकरदास से मिल वे रामचंद्रदास हो गए। काम मिला राम जन्मभूमि की मुक्ति का। 1934 में वे इस आंदोलन से जुड़े, 1975 में दिगंबर अखाड़े के महंत बने और 1989 में राम जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष। 1990 में अयोध्या में कारसेवकों के जिस जत्थे पर गोली चली उसका नेतृत्व भी परमहंस रामचंद्रदास ही कर रहे थे। राम जन्मभूमि पर मालिकाने और पूजा-पाठ के अधिकार को लेकर 1 जनवरी 1950 को फैजाबाद की अदालत में मुकदमा दायर करने वाले महंत रामचंद्र परमहंस ने 31 जुलाई 2003 को अंतिम सॉंसें ली। आखिरी दम तक वे राम जन्मभूमि के लिए लड़ते रहे।

कहानी के दूसरे नायक दरभंगा के मैथिल ब्राह्मण अभिराम दास गरीब परिवार से आते थे। 6 फुट के बलिष्ठ और हठी साधु अभिरामदास की गिनती अयोध्या के लड़ाकू साधुओं में होती थी। उनके बारे में ख्यात था कि उन्हें हनुमान जी की सिद्धि मिली हुई है। उनकी ख्याति रामजन्मभूमि के ‘उद्धारक बाबा’ के तौर पर थी। 3 दिसंबर 1981 को जब उनकी मौत हुई और हनुमानगढ़ी से उनका विमान (साधु की अर्थी) उठा तो ‘राम जन्मभूमि के उद्धारक अमर रहे’ के नारे लग रहे थे।

जिस मोड़ के कारण इन दोनों की कहानी में नेहरू आते हैं, वह 22-23 दिसंबर 1949 की दरम्यानी रात थी। ‘युद्ध में अयोध्या’ के मुताबिक हाड़ तोड़ने वाली ठंड की उस रात रामचंद्र परमहंस और अभिराम दास साधु-संतों के एक समूह के साथ सरयू स्नान करते हैं। नए वस्त्र धारण करते हैं। उनके साथ गीता प्रेस गोरखपुर के संस्थापक हनुमान प्रसाद पोद्दार (भाईजी) भी थे। भाईजी अष्टधातु की भगवान राम के बचपन की एक मूर्ति लेकर आए थे। मूर्ति का नदी किनारे ही पूजन-अर्चन होता। फिर मूर्ति को एक बॉंस की टोकरी में रख कपड़ों से ढका जाता है। बाबा अभिराम दास उसे सिर पर उठाते हैं। परमहंस रामचंद्र के हाथ सरयू जल से भरा एक तॉंबे का कलश होता है। समूह रामधुन गाता हुआ आगे बढ़ता है… और फिर विवादित ढॉंचे के नीचे रामलला बाल स्वरुप में भाइयों संग प्रकट होते हैं। सुबह के चार बजते-बजते रामजन्मभूमि स्थान पर मूर्तियों की प्राण-प्रतिष्ठा हो चुकी थी।

फिर इस कहानी में उस समय देश के प्रधानमंत्री रहे जवाहर लाल नेहरू की एंट्री होती है। हेमंत शर्मा लिखते हैं, “उत्तर प्रदेश के कुछ मुस्लिम नेताओं और देवबंद के उलेमाओं ने नेहरू को तार भेजकर उनका ध्यान अयोध्या की ओर दिलाया। नेहरू ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री गोविंद वल्लभ पंत और राज्य के गृह मंत्री लाल बहादुर शास्त्री को तत्काल मूर्तियों को हटाने के निर्देश दिए। लगातार केंद्र से संदेश लखनऊ आते और वैसे ही तार लखनऊ से फैजाबाद भेजे जाते कि मूर्तियॉं तुरंत हटाई जाएँ। 24 और 25 दिसंबर 1949 को लखनऊ में इस मुद्दे पर दिन भर उच्च स्तरीय बैठक होती रही। तय किया गया कि मूर्तियों को गर्भगृह से बाहर ले जाकर राम चबूतरे पर रखा जाएगा। पर फैजाबाद के सिटी मजिस्ट्रेट केकेके नायर इस बात पर अड़े रहे कि मूर्ति हटाने की घोषणा मात्र से खून-खराबा हो जाएगा।”

नायर के अड़ जाने के कारण मूर्तियॉं तो नहीं हटीं, पर नेहरू ने प्रयास नहीं छोड़े। देश के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभाई पटेल से भी पंत पर दबाव डलवाने की कोशिश की। शर्मा ने ​अपनी किताब में जिन घटनाओं और चिट्ठियों का जिक्र किया है, उनसे जाहिर होता है कि नेहरू मूर्तियॉं हटाने पर अमादा थे। लेकिन, नायर के अड़ने और पंत तथा पटेल के नरम रुख के कारण वे इसमें कामयाब नहीं हो पाए। शायद उस दिन नेहरू कामयाब हो जाते तो आज रामलला अपनी जन्मभूमि पर विराजमान नहीं होते।

ऐसा नहीं है कि नेहरू को ​अयोध्या में रामलला का होना ही नागवार था। उन्हें तो उस सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण भी खटक रहा था, जिसे मुस्लिम अक्रांताओं ने कई बार तबाह किया था। वे यह भी नहीं चाहते थे कि 1951 में इस मंदिर के उद्घाटन समारोह में उस समय के राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद जाएँ। रामचंद्र गुहा ने अपनी किताब ‘भारत: गॉंधी के बाद’ में लिखा है कि जब राष्ट्रपति ने मंदिर के उद्धाटन समारोह में भाग लेने का फैसला किया तो यह बात नेहरू को पसंद नहीं आई। उन्होंने डॉ. राजेंद्र प्रसाद से कहा कि वे इसमें शामिल न हों, क्योंकि इसके कई मतलब निकाले जाएँगे। नेहरू ने कहा, “व्यक्तिगत रूप से मैं सोचता हूॅं कि सोमनाथ में विशाल मंदिर बनाने पर जोर देना का यह उचित समय नहीं था।” हालॉंकि प्रसाद ने उनकी बात नहीं मानी और उस गौरवशाली क्षण के साक्षी बने।

आखिर में लिबरलों, वामपंथियों और कॉन्ग्रेसियों के लिए ह्वाटसएप यूनिवर्सिटी का ज्ञान छोड़े जा रहा हूँ। इसका जिक्र पीयूष बबेले ने अपनी किताब ‘नेहरू: मिथक और सत्य’ में किया है। इस किताब के मुताबिक 4 जून 1949 को कॉन्ग्रेसी मुख्यमंत्रियों को नेहरू एक पत्र लिखते हैं। इसमें कहते हैं, “मुझे यह कहना पड़ेगा कि कॉन्ग्रेस के लोग सुस्त हो गए हैं। तेजी से बदलती दुनिया में दिमाग के जड़ हो जाने और मुगालते में रहने से ज्यादा खतरनाक कोई चीज नहीं है।” जिन्हें यह भी गोदी मीडिया का प्रोपेगेंडा ​लग रहा हो उनके लिए गौर करने वाली बात यह है कि इस किताब की भूमिका काली स्क्रीन वाले रवीश कुमार ने लिखी है।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

अजीत झा
देसिल बयना सब जन मिट्ठा

 

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

DTC बस को तोड़ा, तलवारबाजी करते बढ़ रहे… पुलिस को धकियाते-रगेदते संसद और लाल किला की ओर ‘किसान’

घटना की वीडियो भी है। वीडियो में देख सकते हैं कि डीटीसी बस पर भारी भीड़ ने हमला किया है। उसे गिराकर तोड़ने का प्रयास हो रहा है।

दिल्ली में ‘किसानों’ ने किया कश्मीर वाला हाल: तलवार ले पुलिस को खदेड़ा, जगह-जगह तोड़फोड़, पुलिस वैन पर पथराव

दिल्ली में प्रदर्शनकारी पुलिस के वज्र वाहन पर चढ़ गए और वहाँ जम कर तोड़-फोड़ मचाई। 'किसानों' द्वारा तलवारें भी भाँजी गईं।

गणतंत्र दिवस 2021: सुप्रीम कमांडर राष्ट्रपति के साथ खास पगड़ी में PM… और महिला कमांडर प्रीति – परेड की तस्वीरें

गणतंत्र दिवस के मौके पर राजपथ पहुँचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जामनगर से एक विशेष पगड़ी पहनी। बलिदानी सैनिकों को दी श्रद्धांजलि।

3 बॉर्डर पर बैरीकेडिंग तोड़ ‘किसान’ प्रदर्शनकारियों की भीड़ दिल्ली में घुसी, मुकरबा चौक पर तनावपूर्ण माहौल

वीडियो में देख सकते हैं कि भारी तादाद में 'किसान' बैरीकेडिंग के पार खड़े होते हैं, फिर धीरे-धीरे उस पर चढ़ना शुरू कर देते हैं और...

झील जम गई… लेकिन तिरंगे के साथ कदम मिलते रहे: देखिए गणतंत्र दिवस 2021 की मजेदार तस्वीरें

यहाँ हम आपको गणतंत्र दिवस 2021 की देश भर की तस्वीरें दिखा रहे हैं, अलग-अलग कोने से। देश भर में कई जगहों पर तिरंगा फहराया गया।

जिन्होंने बाबरी मस्जिद के नीचे खोजा राम मंदिर, वैज्ञानिक तरीके से ढूँढा पांडवों का इंद्रप्रस्थ… मिला पद्म विभूषण सम्मान

जिन 7 लोगों को देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण के लिए चुना गया है, उनमें प्रोफेसर ब्रज बासी लाल (BB Lal) का नाम भी शामिल है।

प्रचलित ख़बरें

12 साल की लड़की का स्तन दबाया, महिला जज ने कहा – ‘नहीं है यौन शोषण’: बॉम्बे HC का मामला

बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर बेंच ने शारीरिक संपर्क या ‘यौन शोषण के इरादे से किया गया शरीर से शरीर का स्पर्श’ (स्किन टू स्किन) के आधार पर...

राहुल गाँधी बोले- किसान मजबूत होते तो सेना की जरूरत नहीं होती… अनुवादक मोहम्मद इमरान बेहोश हो गए

इरोड में राहुल गाँधी के अंग्रेजी भाषण का तमिल में अनुवाद करने वाले प्रोफेसर मोहम्मद इमरान मंच पर ही बेहोश होकर गिर पड़े।

छठी बीवी ने सेक्स से किया इनकार तो 7वीं की खोज में निकला 63 साल का अयूब: कई बीमारियों से है पीड़ित, FIR दर्ज

गुजरात में अयूब देगिया की छठी बीवी ने उसके साथ सेक्स करने से इनकार कर दिया, जब उसे पता चला कि उसके शौहर की पहले से ही 5 बीवियाँ हैं।

15 साल छोटी हिन्दू से निकाह कर परवीन बनाया, अब ‘लव जिहाद’ विरोधी कानून को ‘तमाशा’ बता रहे नसीरुद्दीन शाह

नसरुद्दीन शाह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में 'लव जिहाद' को लेकर तमाशा चल रहा है। कहा कि लोगों को 'जिहाद' का सही अर्थ ही नहीं पता है।

दिल्ली में ‘किसानों’ ने किया कश्मीर वाला हाल: तलवार ले पुलिस को खदेड़ा, जगह-जगह तोड़फोड़, पुलिस वैन पर पथराव

दिल्ली में प्रदर्शनकारी पुलिस के वज्र वाहन पर चढ़ गए और वहाँ जम कर तोड़-फोड़ मचाई। 'किसानों' द्वारा तलवारें भी भाँजी गईं।

RSS को ‘निकरवाला’ बोला राहुल गाँधी ने, ‘लिकरवाला’ सुन जनता हुई ‘मस्त’: इस लेटेस्ट Video में है बहुत मजा

राहुल गाँधी जब बोलते हैं, बहुत मजा देते हैं। उनके मजे देने वाले वीडियो आप खोजेंगे 1 मिलेंगे 11... अब एक और वीडियो जुड़ गया है, एकदम लेटेस्ट।
- विज्ञापन -

 

DTC बस को तोड़ा, तलवारबाजी करते बढ़ रहे… पुलिस को धकियाते-रगेदते संसद और लाल किला की ओर ‘किसान’

घटना की वीडियो भी है। वीडियो में देख सकते हैं कि डीटीसी बस पर भारी भीड़ ने हमला किया है। उसे गिराकर तोड़ने का प्रयास हो रहा है।

दलित लड़की की हत्या, गुप्तांग पर प्रहार, नग्न लाश… माँ-बाप-भाई ने ही मुआवजा के लिए रची साजिश: UP पुलिस ने खोली पोल

बाराबंकी में दलित युवती की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया। पुलिस ने बताया कि पिता, माँ और भाई ने ही मिल कर युवती की हत्या कर दी।

दिल्ली में ‘किसानों’ ने किया कश्मीर वाला हाल: तलवार ले पुलिस को खदेड़ा, जगह-जगह तोड़फोड़, पुलिस वैन पर पथराव

दिल्ली में प्रदर्शनकारी पुलिस के वज्र वाहन पर चढ़ गए और वहाँ जम कर तोड़-फोड़ मचाई। 'किसानों' द्वारा तलवारें भी भाँजी गईं।

क्रीम-पाउडर बेचने वाली प्रियंका चोपड़ा को अब पछतावा, हॉलीवुड में पहचान बनाए रखने की मजबूरी या ‘दिवाली-सिगरेट’?

प्रियंका चोपड़ा एक बार फिर चर्चा में आई हैं। इस बार मुद्दा फेयरनेस क्रीम है। प्रियंका को पछतावा है कि उन्होंने भारत में फेयरनेस क्रीम के ऐड किए।

गणतंत्र दिवस 2021: सुप्रीम कमांडर राष्ट्रपति के साथ खास पगड़ी में PM… और महिला कमांडर प्रीति – परेड की तस्वीरें

गणतंत्र दिवस के मौके पर राजपथ पहुँचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जामनगर से एक विशेष पगड़ी पहनी। बलिदानी सैनिकों को दी श्रद्धांजलि।

3 बॉर्डर पर बैरीकेडिंग तोड़ ‘किसान’ प्रदर्शनकारियों की भीड़ दिल्ली में घुसी, मुकरबा चौक पर तनावपूर्ण माहौल

वीडियो में देख सकते हैं कि भारी तादाद में 'किसान' बैरीकेडिंग के पार खड़े होते हैं, फिर धीरे-धीरे उस पर चढ़ना शुरू कर देते हैं और...

झील जम गई… लेकिन तिरंगे के साथ कदम मिलते रहे: देखिए गणतंत्र दिवस 2021 की मजेदार तस्वीरें

यहाँ हम आपको गणतंत्र दिवस 2021 की देश भर की तस्वीरें दिखा रहे हैं, अलग-अलग कोने से। देश भर में कई जगहों पर तिरंगा फहराया गया।

जिन्होंने बाबरी मस्जिद के नीचे खोजा राम मंदिर, वैज्ञानिक तरीके से ढूँढा पांडवों का इंद्रप्रस्थ… मिला पद्म विभूषण सम्मान

जिन 7 लोगों को देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण के लिए चुना गया है, उनमें प्रोफेसर ब्रज बासी लाल (BB Lal) का नाम भी शामिल है।

आधी मूँछ में खेलने उतरेंगे अश्विन, पुजारा ने जो ऑस्ट्रेलिया में नहीं किया… अगर इंग्लैंड के खिलाफ कर देंगे तो!

पुजारा को अश्विन ने इंग्लैंड के खिलाफ किसी भी स्पिनर पर क्रिज से निकल आगे बढ़ कर उड़ा कर शॉट खेलने का चैलेंज दिया है। चैलेंज खुद भी लिया है।

TikTok और UC Browser समेत 59 चाइनीज एप्स पर परमानेंट बैन, सरकार के सवालों का नहीं दे पाए जवाब!

केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (MeitY) मंत्रालय ने TikTok व 58 अन्य चीनी एप्स को हमेशा के लिए प्रतिबंधित किया।

हमसे जुड़ें

272,571FansLike
80,695FollowersFollow
386,000SubscribersSubscribe