केरल स्थित इस्लामी चरमपंथियों ने नफ़रत फैलाने वाले अभियान का नेतृत्व किया, जिसमें अरब और कानून अधिकारियों से खाड़ी में काम करने वाले हिंदुओं के खिलाफ कार्रवाई करने का आग्रह किया गया क्योंकि वे "भारत में मजहब के लोगों को मारते" हैं।
महात्मा गाँधी की सलाह को प्रधानमंत्री नेहरू ने अनदेखा किया। शेख ने भी अपनी बात रखने में बहुत वक्त लगा दिया। प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव से पहले ही POJK को वापस लेने के लिए भारत सरकार को अपनी नीतियाँ स्पष्ट कर देनी थीं। लेकिन अफसोस यह है कि...
कंगाली के कगार पर खड़ा पाकिस्तान अब सरकारी संपत्ति बेचने को भी मजबूर हो गया है। उसने पॉंच अगस्त को जम्मू-कश्मीर में आर्टिकल 370 के प्रावधानों को निरस्त किए जाने के बाद भारत के साथ व्यापार रद्द कर कूटनीतिक संबंध कमतर कर दिया था।
"प्रत्येक राजनीतिक दल और व्यापारी, शिक्षक, डॉक्टर तथा मजदूर सहित सभी तबकों के लोग, सरकार की नीतियों से नाखुश हैं। इससे मुझे लगता है कि इमरान खान अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाएँगे।"
जैसे ही कनफ़्यूज़न ख़त्म हुआ, पाक फाइटर जेट्स ने स्पाइसजेट को अपने एयरस्पेस से बाहर तक जाने का रास्ता दिया और तब तक उसके साथ रहे जब तक वह अफ़ग़ानिस्तान की सीमा में दाखिल नहीं हो गया। DGCA की तरफ़ से इस बात की पुष्टि की गई है।
बीयर खरीदने के कुछ ही दिन बाद उस इलाके में गाली-गलौच वाली अभद्र भाषा में एक पत्र मिला जिसमें एक चेतावनी के साथ लिखा था कि 'गैर-इस्लामिक' कामों में पड़ने का अंजाम बहुत बुरा होगा, जो भी ऐसा करेगा उसे भविष्य में इसे भुगतना भी पड़ेगा।
भारत द्वारा अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से दोनों देशों के बीच तनाव चरम सीमा पर है। पाकिस्तानी सेना ने भी सीमा पार से घुसपैठ की कोशिशें तेज़ कर दीं हैं।
सुरक्षा परिषद के बाद अब मानवाधिकार परिषद में भी पाकिस्तान की किरकिरी हुई है। भारतीय विदेश मंत्रालय के सचिव विजय ठाकुर ने कहा कि दुनिया ख़ूब समझती है कि जो देश आतंकवाद का मुख्य केंद्र है, वह ग़लत नैरेटिव फैलाता रहता है।
शेखी बघारते हुए शेख रशीद ने एक सेमिनार में दावा किया कि वे हिंदुस्तान-पाकिस्तान के बीच युद्ध होता देख रहे हैं और अपनी कौम को तैयार करने (सेमिनार में ) आए हैं। उन्होंने धमकी भी दी कि पाकिस्तानी सेना के पास जो हथियार हैं, वे दिखाने के लिए नहीं, इस्तेमाल करने के लिए हैं।