हमें ध्यान में रखना होगा कि जिस लोकतंत्र पर हम गर्व करते हैं उसकी सुरक्षा तभी तक संभव है जबतक राष्ट्रीय सुरक्षा का विषय किसी राजनीतिक दृष्टिकोण का मोहताज नहीं है।
मोहसीन पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के लिए भारतीय सेना की जासूसी करता था। वह पाकिस्तानी एंबेंसी के लगातार संपर्क में था और तीन बार पाकिस्तान भी जा चुका है।
पाकिस्तानी फौजियों ने भारतीय सैनिकों से कहा था, "अपने मरे आदमी को ले जाओ, हमें रवीना और माधुरी दे दो।" इसी ताने के जवाब में IAF ने मिसाइल पर नवाज का नाम लिखा था।