पाक पर निशाना साधते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि कुछ ऐसी ताकतें हैं, जिनकी हरकतें नापाक हैं। वे साजिश रच रहे हैं कि समंदर के रास्ते मुंबई के 26/11 जैसा एक और हमला भारत के तटीय क्षेत्र में कर सकें। लेकिन उनके मंसूबे किसी भी सूरत में पूरे नहीं होंगे।
इमरान खान ने किसी का नाम नहीं तो लिया, लेकिन साफ है कि वे किसकी तरफ इशारा कर रहे थे। 2013 में तत्कालीन केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने BJP और RSS पर हिंदू आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया था। पी चिदंबरम ने भी भगवा आतंकवाद पर विवादित बयान दिए थे। ये दोनों UPA सरकार में गृह मंत्री रह चुके हैं।
न्यूयॉर्क टाइम्स ने अपने विज्ञापन में लिखा कि कश्मीर में अब तक सुरक्षाबलों के हाथों 60000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि दस लाख से ज्यादा लोग घायल हो चुके हैं। पत्रकारिता की खातिर न्यूयॉर्क टाइम्स को ये बताना चाहिए कि आखिर जो आँकड़े छापे हैं, वो कहाँ से आए?
खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स के आतंकियों की निशानदेही पर पंजाब पुलिस की खुफिया शाखा ने अटारी के पास से जो ड्रोन बरामद किया है वह ड्रोन आतंकियों ने झाड़ियों में छुपा कर रखा था। पुलिस अटारी के पास केे नालों की भी जाँच कर रही है।
"मैं पश्चिमी चीन में हिरासत में लिए जा रहे उइगरों के विषय पर पाकिस्तान की ओर से वही प्रतिक्रिया देखना चाहूँगा। उइगरों के मानवाधिकारों के उल्लंघन का मुद्दा सिर्फ़ कश्मीर तक ही सीमित नहीं है, बल्कि व्यापक रूप से दुनिया भर में लागू है।"
घुसपैठ की यह घटना जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 के निरस्त होने से कुछ ही दिन पहले की है। 5 अगस्त को जम्मू कश्मीर से 370 निष्क्रिय करके जम्मू-कश्मीर तथा लद्दाख को अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेश बनाने का निर्णय लिया गया था।
"पाक के पंजाबी मुस्लिम बहुसंख्यकों के अल्पसंख्यकों के साथ किए अत्याचार की सैकड़ों कहानियाँ हैं। 2018 में पाकिस्तान नेशनल असेंबली के एक सदस्य सैयद अली रज़ा आब्दी को पाकिस्तान की सेना के इशारे पर मार दिया गया था।"
"दुनिया को इस्लामी इतिहास से अवगत कराने के लिए टीवी चैनल पर मुस्लिमों से जुड़े कार्यक्रम और फ़िल्में दिखाई जाएँगी। मुस्लिमों के ख़िलाफ़ ग़लतफ़हमी को दूर किया जाएगा, ईशनिंदा से जुड़ी बातों को सही अर्थों में प्रस्तुत किया जाएगा।"
"विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी खुद प्रधानमंत्री बनना चाहते हैं इसलिए उन पर विश्वास नहीं किया जा सकता। ऐसा संभव है कि वह जानबूझकर खान को गलत रास्ते पर ले जा रहे हों। इमरान खान के विदेश में भाषण देने और प्रेस कॉन्फ्रेंस करने पर बैन लगना चाहिए।"
विश्वविद्यालय में यह सर्कुलर 23 सितंबर को निकाला गया। इसे जारी करने वाले का नाम असिस्टेंट चीफ प्रॉक्टर फरमानुल्लाह है। यूनिवर्सिटी में जारी हुए सर्कुलर में स्पष्ट रूप से लिखा है कि कॉलेज परिसर में 'कपलिंग' यानी जोड़े में घूमने पर बैन है।