सीसीटीवी फुटेज में साफ़ दिखा कि कैसे वो डिलीवरी ब्वॉय एक पैकेज देने के लिए पाँचवीं मंजिल की ओर जा रहा था, लेकिन बच्ची को देखकर उसने अपना रास्ता बदल लिया और सामान को डिलीवरी किए बिना वो लड़की का पीछा करने लगा।
इमरान के खुद के देश में बालाकोट के बाद जो उसकी छवि बनी है, उससे यह कयास जरूर लगाया जा सकता है कि यह साबुन अब शायद ही कोई नहाने के लिए इस्तेमाल करता होगा। हाँ, संडास से आने के बाद हाथ धोने के लिए शायद!
पाकिस्तान में तहरीक-ए-तालिबान जैसे कई ऐसे आतंकी समूह सक्रिय हैं, जो पाकिस्तानी सरकार को उखाड़ फेंक कर खलीफा का राज स्थापित करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में समाज अतिवादी होता जा रहा है और ऊपर से वह अपने परमाणु हथियारों के जखीरे में लगातार वृद्धि कर रहा है।
"हमारी फ़ौज बलूचिस्तान में अपने ही लोगों पर बम बरसा रही है। हम अपने ही लोगों को कैसे मार सकते हैं? जरा सोचिए अपने ही लोगों पर बम बरसाना और उन्हें मारना कितना अनुचित है। ट्राइबल क्षेत्रों में 60 लाख लोगों पर बम बरसाए जा रहे हैं।"
लीजेंडरी पोर्न अभिनेता जॉनी सिन्स ने पाकिस्तान के पूर्व राजनयिक अब्दुल बासित को ट्रोल किया है। जॉनी सिन्स ने अब्दुल बासित को टैग करते हुए ट्विटर पर लिखा कि उनकी आँखें बिलकुल ठीक हैं। साथ ही यह भी लिखा कि अब्दुल बासित को नए फॉलोवर्स मुबारक हों।
जैश और लश्कर की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पोल खुलने के कारण आईएसआई ने एक नए नाम से आतंकी संगठन तैयार किया है। इसका नाम अल-उमर-मुजाहिद्दीन (AUM) है। इसका अगुआ मुश्ताक अहमद जरगर उर्फ मुश्ताक लातराम है।
शेखी बखारने के चक्कर में पाकिस्तानी रेल मंत्री को अपनी बेइज्जती करवाने की आदत रही है। वे भारत-पाकिस्तान के बीच एक-दो महीने में परमाणु युद्ध होने की भविष्यवाणी कर चुके हैं। उनका दावा है कि पाक के पास पाव, आधा पाव के एटम बम हैं।
पाकिस्तानी मूल के ब्रिटिश नागरिकों ने अपने इस विरोध-प्रदर्शन को 'कश्मीर फ्रीडम मार्च' का नाम दिया था। मार्च पार्लियामेंट स्क्वेयर से शुरू होकर भारतीय उच्चायोग की बिल्डिंग तक पहुँचा। मार्च का नेतृत्व यूके की लेबर पार्टी के कुछ सांसदों ने किया।
अनुच्छेद-370 हटाए जाने के विरोध में पाकिस्तान ने जब भारत से व्यापारिक रिश्ते खत्म किए तो वहाँ के व्यापारियों को भारत से दवाएँ मँगवाना बंद करने की मजबूरी थी। जिससे चंद दिनों में ही पाकिस्तान के अस्पताल में जीवन रक्षक दवाओं की भी घोर किल्लत हो गई। दवाओं के अभाव में मरीज तड़पने लगे.....