मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में साल 2016 में कैंटीन में मिलने वाले भोजन के दाम बढ़ाए गए थे। इसके बाद अब सब्सिडी ख़त्म करने का फ़ैसला लिया गया है। साल 2016 से अब तक...
यह कोई पहला मौका नहीं है कि जब अधीर होकर उन्होंने ऐसा बयान दिया हो। इससे पहले वह पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह को घुसपैठिया तक कह चुके हैं। संसद में पहले ही दिन एनआरसी का विरोध करते हुए उन्होंने कहा था कि मोदी और शाह दोनों खुद गुजरात से आकर दिल्ली में बस गए।
देश के राइट विंग की यही समस्या है कि उसे दीर्घकालिक युद्ध भी लड़ना है, लेफ्ट विंग की स्वीकार्यता भी चाहिए और अपनी नैतिकता भी बचानी है। तुमने न तो संदर्भ देखा, न सुनवाई की, बस विरोधियों के जाल में उलझ कर तुमने साध्वी प्रज्ञा को एक लाइन में नकार दिया। यही सब करना था तो उसे चुनाव क्यों लड़वाया?